अंबिकापुर : मुख्यमंत्री साय के सामने लखपति दीदियों और महतारियों ने बयां किया बदलाव का सफर
अंबिकापुर, 03 मई (हि.स.)। सरगुजा जिले के सिलमा गांव में आयोजित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जन चौपाल महज एक सरकारी संवाद नहीं, बल्कि उन चेहरों की मुस्कान का गवाह बनी जिनके जीवन में योजनाओं ने उजाला भरा है। संवाद के दौरान जब मुख्यमंत्री ग्रामीणों के बीच बैठे, तो एक-एक कर कई ऐसी कहानियां सामने आईं, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं।
बिहान समूह से जुड़ी महिमा एक्का ने जब आत्मविश्वास के साथ बताया कि 60 हजार रुपये के ऋण से शुरू हुआ उनका छोटा सा 'फूडकोर्ट' आज उन्हें सालाना ढाई लाख रुपये की कमाई दे रहा है, तो मुख्यमंत्री ने भी उन्हें प्रोत्साहित करते हुए 'करोड़पति' बनने का आशीर्वाद दिया। इसी कड़ी में संगीता तिर्की के पोल्ट्री फार्म और अर्चना तिग्गा की खीरे की खेती ने यह साबित कर दिया कि सही समय पर मिली आर्थिक मदद ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है।
चौपाल में सबसे भावुक क्षण तब आया जब महतारी वंदन योजना की हितग्राही सनिता पैंकरा ने अपनी आत्मनिर्भरता की कहानी साझा की; सनिता ने गर्व से कहा कि अब उन्हें घर के राशन या बच्चों की छोटी जरूरतों के लिए पति के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती। वहीं, सुनीता तिग्गा ने योजना की किस्तों को जोड़कर अपनी किराने की दुकान शुरू कर आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की।
सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्की छत पाने वाले राजेश और किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे सुरेश प्रसाद ने भी मुख्यमंत्री को बताया कि कैसे इन योजनाओं ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन को सुगम बना दिया है। योजनाओं के इन सफल परिणामों को देख मुख्यमंत्री साय ने हितग्राहियों के जज्बे की सराहना की और भविष्य में भी इसी तरह जन-कल्याण के कार्यों को गति देने का भरोसा दिलाया।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

