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दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए बीजापुर जिले में सर्वे टीमों को मिला प्रशिक्षण

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दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए बीजापुर जिले में सर्वे टीमों को मिला प्रशिक्षण


बीजापुर, 19 जून (हि.स.)। समग्र शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों की पहचान एवं उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के उद्देश्य से जिले के सभी विकासखंडों में व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

राज्य कार्यालय समग्र शिक्षा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर विश्वदीप के आदेश तथा जिला मिशन संचालक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता चौबे के निर्देश पर जिलेभर में दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन एवं पहचान के लिए गठित सर्वे टीमों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं की प्रारंभिक पहचान कर बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक एवं सहायक सेवाओं से जोडऩा है।

इस दौरान विकासखंड स्तर पर कार्यरत समावेशी शिक्षा प्रभारियों एवं बीआरपी समावेशी शिक्षा द्वारा शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा मितानिनों को दिव्यांग बच्चों की पहचान, सर्वे प्रक्रिया तथा आवश्यक कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को बताया गया कि किस प्रकार प्रारंभिक स्तर पर बच्चों में दिव्यांगता के संकेतों की पहचान कर उन्हें उचित सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रशिक्षार्थियों को सर्वे प्रपत्र उपलब्ध कराते हुए चिन्हांकन प्रक्रिया संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि सर्वे कार्य के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न आए और दिव्यांग बच्चों की सही एवं समयबद्ध पहचान सुनिश्चित की जा सके।

विकासखंड बीजापुर में समावेशी शिक्षा प्रभारी चितूराम बघेल, विकासखंड भोपालपटनम में अनिरुद्ध गिलहरे, विकासखंड उसूर (आवापल्ली) में वेदराम निषाद तथा विकासखंड भैरमगढ़ में सुनील तायवाडे द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।इस पहल से जिले में दिव्यांग बच्चों की पहचान की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी तथा उन्हें समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे