अंबिकापुर : पुलिस की 'मुस्कान' ने बिखेरी चमक, 30 दिनों में 114 परिवारों के घर लौटे खोए हुए अपने
अंबिकापुर, 03 मई (हि.स.)। सरगुजा जिले में अपनों से बिछड़े लोगों को मिलाने के लिए चलाई जा रही पुलिस की मुहिम रंग ला रही है। पुलिस मुख्यालय रायपुर के मार्गदर्शन में शुरू हुए 'ऑपरेशन तलाश' और 'अभियान मुस्कान' के तहत सरगुजा पुलिस ने बीते अप्रैल माह में मानवीय दृष्टिकोण और तकनीकी मुस्तैदी का परिचय देते हुए कुल 114 गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित खोज निकाला है।
डीआईजी और एसएसपी सरगुजा, राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के सख्त निर्देशों के बाद जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों ने गुमशुदा इंसानों की तलाश को प्राथमिकता पर रखा, जिसके सुखद परिणाम सामने आए हैं। 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चले इस सघन अभियान में पुलिस ने 80 महिलाओं, 20 पुरुषों और 14 नाबालिगों (12 बालिकाएं और 2 बालक) को ढूंढकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया।
इस विशेष अभियान के दौरान जिला पुलिस ने न केवल पुराने लंबित मामलों की फाइलें खंगालीं, बल्कि तकनीकी संसाधनों और ग्राउंड इंटेलिजेंस का बेहतर तालमेल बिठाया। आंकड़ों पर नजर डालें तो गांधीनगर थाना पुलिस ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 29 लोगों को बरामद किया। इसके अलावा दरिमा पुलिस ने 13, कोतवाली अंबिकापुर ने 12 और लखनपुर पुलिस ने 11 लोगों को खोज निकाला।
इसी तरह उदयपुर से 10, लुण्ड्रा और मणिपुर से 7-7, जबकि सीतापुर, बतौली, धौरपुर और कमलेश्वरपुर थानों ने भी सक्रियता दिखाते हुए कई परिवारों की खुशियां लौटाईं। विशेष रूप से 'अभियान मुस्कान' के तहत नाबालिगों की बरामदगी पर जोर दिया गया, जिसमें कोतवाली पुलिस ने 5 और गांधीनगर पुलिस ने 4 बालिकाओं को रेस्क्यू कर उनके माता-पिता तक पहुँचाया।
सरगुजा पुलिस की इस मानवीय पहल की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है, जिसने महज 30 दिनों के भीतर दर्जनों घरों का सूनापन दूर कर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

