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अंबिकापुर : 'ज्ञान भारतम' अभियान के तहत मिलीं नवग्रह कवच और हनुमान ज्योतिष की दुर्लभ पांडुलिपियां

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अंबिकापुर : 'ज्ञान भारतम' अभियान के तहत मिलीं नवग्रह कवच और हनुमान ज्योतिष की दुर्लभ पांडुलिपियां


अंबिकापुर : 'ज्ञान भारतम' अभियान के तहत मिलीं नवग्रह कवच और हनुमान ज्योतिष की दुर्लभ पांडुलिपियां


अंबिकापुर : 'ज्ञान भारतम' अभियान के तहत मिलीं नवग्रह कवच और हनुमान ज्योतिष की दुर्लभ पांडुलिपियां


अंबिकापुर : 'ज्ञान भारतम' अभियान के तहत मिलीं नवग्रह कवच और हनुमान ज्योतिष की दुर्लभ पांडुलिपियां


अंबिकापुर : 'ज्ञान भारतम' अभियान के तहत मिलीं नवग्रह कवच और हनुमान ज्योतिष की दुर्लभ पांडुलिपियां


अंबिकापुर, 23 मई (हि.स.)। सरगुजा जिले की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए शुरू किए गए ‘ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण’ अभियान ने अब रफ्तार पकड़ ली है। जिले के पुरखों की इस अमूल्य और दुर्लभ धरोहर को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लगातार सघन सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण का कार्य किया जा रहा है।

इसी कड़ी में हाल ही में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्राचीन ज्ञान से जुड़ी कई दुर्लभ पांडुलिपियां सामने आई हैं, जिन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित किया गया है। यह पूरा अभियान सरगुजा कलेक्टर एवं जिला समिति के अध्यक्ष अजीत वसंत के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ व सदस्य सचिव विनय अग्रवाल के कुशल निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र की विलुप्तप्राय ज्ञान परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सके।

इस विशेष खोजी अभियान के तहत सर्वेक्षण टीम सीधे संरक्षकों के घरों तक पहुंच रही है। इसी क्रम में टीम ने रमाशंकर त्रिपाठी के घर पहुंचकर उनके दादाजी द्वारा लिखित अत्यंत दुर्लभ “नवग्रह कवच” पांडुलिपि का बारीकी से सर्वेक्षण किया। यह महत्वपूर्ण कार्य एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के रिसर्च एसोसिएट हरनेक सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इसके साथ ही, विकासखंड सीतापुर के ग्राम राधापुर में भी एक बड़ी सफलता हाथ लगी। यहाँ के निवासी बालमकुन्द प्रधान के घर पर उनके पूर्वजों (दादा-परदादा) देवनन्दो प्रधान द्वारा सदियों से सहेजकर रखी गई “हनुमान ज्योतिष” से संबंधित एक प्राचीन पांडुलिपि मिली। सीतापुर क्षेत्र से प्राप्त इस अनमोल पांडुलिपि को सुनील मिश्रा द्वारा “ज्ञान भारतम्” आईडी के माध्यम से सफलतापूर्वक जियो-टैग कर पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।

इस अभियान का मूल उद्देश्य इन ऐतिहासिक कड़ियों को जोड़कर क्षेत्र के सांस्कृतिक महत्व को वैश्विक पटल पर लाना है, जिसके तहत लगातार मिल रही इन सफलताओं से इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं में खासा उत्साह है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह