अम्बिकापुर : उदयपुर वन परिक्षेत्र के जंगलों में 26 हाथियों का डेरा, कई एकड़ धान की फसलें तबाह
अम्बिकापुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत कर्मकट्टरा के जंगलों में 26 हाथियों के एक बड़े दल ने स्थायी डेरा जमा लिया है। दिनभर जंगल में स्वच्छंद विचरण करने वाला यह दल रात ढलते ही आसपास के ग्रामीण इलाकों का रुख कर रहा है। हाथियों के इस दल ने पिछले चार दिनों से मोहनपुर और महेशपुर क्षेत्र के खेतों में भारी तबाही मचा रखी है।
बीती रात ही हाथियों ने कई एकड़ में लहलहाती धान की फसल को रौंदकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया। हाथियों की इस मौजूदगी का एकमात्र अप्रत्यक्ष प्रभाव यह देखने को मिला है कि क्षेत्र में जंगल की अवैध कटाई पर पूरी तरह अंकुश लग गया है।
इस दल की कमान एक विशालकाय और आक्रामक दंतैल हाथी के हाथ में है, जो पूरे समूह की सुरक्षा और निगरानी करता है। यह दंतैल वाहनों की रोशनी या आवाज से भयभीत होने के बजाय सीधे उन पर हमले का रुख अपना लेता है, जिसके चलते निगरानी में जुटी वन विभाग की टीम भी इनके नजदीक जाने से कतरा रही है। हाथियों की आपसी भिड़ंत और चहलकदमी से कर्मकट्टरा जंगल का बड़ा हिस्सा किसी कुश्ती के अखाड़े में तब्दील हो चुका है।
दिन-रात गूंजती हाथियों की चिंघाड़ से पूरा इलाका थर्रा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत है और लोगों ने जंगलों की ओर आना-जाना पूरी तरह बंद कर दिया है। हाथियों का यह दल अब भी कर्मकट्टरा के जंगल में ही मौजूद है, जिसे देखते हुए वन विभाग लगातार मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी दे रहा है।
रेंजर मेवालाल पटेल (वन परिक्षेत्र अधिकारी, उदयपुर)ने बताया कि, हाथियों का दल अलग-अलग समूहों में बंटकर क्षेत्र में पहुंचा है। वन विभाग की तीन अलग-अलग निगरानी टीमें लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रही हैं। शाम होते ही महूली, जुड़वनिया, कछवारी, करौटी और रामगढ़ जैसे जंगलों से लगे गांवों में हाथियों के पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है, जिसके लिए ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जा रहा है और अलर्ट रहने को कहा गया है।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और स्थानीय सांसद चिंतामणि महाराज ने प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र का दौरा करने के बाद मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि, हाथियों द्वारा जिन किसानों की धान और मक्के की फसलों को रौंदा गया है और जिनके मकान तोड़े गए हैं, उन्हें राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम बनाकर जल्द से जल्द नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाए।
सांसद चिंतामणि महाराज ने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया और अपील की कि, मुआवजे की प्रक्रिया को तुरंत पूरा कराया जाएगा। लेकिन ग्रामीण सुरक्षा को प्राथमिकता दें, हाथियों के करीब जाने या उन्हें खुद से खदेड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें और जंगली हाथियों से एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

