सरगुजा संभाग में चक्रवाती तूफान अर्नब का साया, धान कटाई के समय में बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
अम्बिकापुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। चक्रवाती तूफान के असर से बदले मौसम ने सरगुजा सहित समूचे उत्तर छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं की सांसें अटका दी हैं। आसमान में उमड़ते घने बादलों और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने खेतों में लहलहाती और कटकर खलिहान की राह देख रही धान की फसल पर संकट गहरा दिया है। कटाई और मिंजाई के चरम दौर में मौसम की इस बेरुखी से किसानों के माथे पर गहरी चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
खेतों में काटकर रखी गई धान की बालियां बारिश के पानी में तरबतर हो रही हैं, जिससे दाने बदरंग होने और नमी के चलते अंकुरित होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं खेतों में खड़ी तैयार फसल पर तेज हवाओं और पानी के थपेड़ों से गिरने का गंभीर जोखिम मंडरा रहा है। जो किसान दिन-रात एक कर साल भर की हाड़-तोड़ मेहनत को खलिहानों और घरों तक सुरक्षित पहुंचाने में जुटे थे, उनकी रफ्तार पर इस बिन मौसम बारिश ने अचानक ब्रेक लगा दिया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 48 घंटों तक पूरे संभाग में बादलों की आवाजाही और बारिश का यह दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बौछारें फसलों को सीधा नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने, कटी हुई फसल को तुरंत तिरपाल या सुरक्षित छतों के नीचे सहेजने तथा खेतों में जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम करने की ताकीद की है।
फिलहाल हर किसान की नजर टकटकी लगाए आसमान पर टिकी है, क्योंकि यदि बारिश का दौर लंबा खिंचा, तो न केवल कटाई-मिंजाई ठप होगी, बल्कि धान की चमक और पैदावार दोनों को भारी झटका लगेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

