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सूरजपुर : अवैध खनन के दौरान बड़ा हादसा, भारी पत्थर गिरने से दो युवकों की मौत

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सूरजपुर : अवैध खनन के दौरान बड़ा हादसा, भारी पत्थर गिरने से दो युवकों की मौत


सूरजपुर : अवैध खनन के दौरान बड़ा हादसा, भारी पत्थर गिरने से दो युवकों की मौत


सूरजपुर : अवैध खनन के दौरान बड़ा हादसा, भारी पत्थर गिरने से दो युवकों की मौत


सूरजपुर : अवैध खनन के दौरान बड़ा हादसा, भारी पत्थर गिरने से दो युवकों की मौत


सूरजपुर, 05 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के लांची गांव में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जहां अवैध रूप से गिट्टी निकालने के दौरान एक भारी-भरकम पत्थर भरभराकर गिर गया। इस मलबे की चपेट में आने से दो स्थानीय युवकों की मौके पर ही दबकर मौत हो गई।

घटना दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है, जब दोनों युवक सरकारी भूमि पर पत्थर की खुदाई कर रहे थे। मृतकों की पहचान 18 वर्षीय बाबू लाल (पिता धनेश्वर सिंह गोड़) और 18 वर्षीय जय पाल (पिता जय सिंह गोड़) के रूप में हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार, अचानक एक जोरदार आवाज सुनाई दी, जिसे सुनकर लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले ही दोनों युवकों को उस खतरनाक जगह पर जाने से मना भी किया था, जिस पर युवकों ने जल्द वापस लौटने की बात कही थी। लेकिन कुछ ही देर बाद वहां की मिट्टी और चट्टान धंस गई। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत मलबा हटाने का प्रयास किया, लेकिन जब तक पत्थरों को हटाकर दोनों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। इस अप्रत्याशित घटना से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है; बाबू लाल के भाई ज्वाला प्रसाद ने बताया कि उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि दोनों कब घर से निकले और कुछ ही देर में इस हादसे की खबर आ गई।

घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सटीक कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। सूरजपुर तहसीलदार सूर्यकांत साय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि लांची गांव के इन दोनों युवकों की मौत पत्थर धंसने की वजह से हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन अब इस बात की गहन जांच करेगा कि इस क्षेत्र में यह खनन किस स्तर पर और किसकी शह पर किया जा रहा था।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह