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पशुपालन से बदली सुकृता की जिंदगी, मनरेगा से मिला नया सहारा

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पशुपालन से बदली सुकृता की जिंदगी, मनरेगा से मिला नया सहारा


जांजगीर-चांपा 28 अप्रैल (हि. स.)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत जिले में ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नवागढ़ जनपद पंचायत के ग्राम धुरकोट में हितग्राही सुकृता बाई कश्यप पति रामप्रसाद के लिए मवेशियों के रख-रखाव हेतु आधुनिक शेड का निर्माण कराया गया, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

सुकृता पहले अपने मवेशियों को खुले में रखती थीं, जिससे बारिश एवं मौसम के प्रभाव से पशुओं के बीमार होने का खतरा बना रहता था। इस समस्या को देखते हुए मनरेगा के तहत लगभग 72 हजार रुपये की लागत से शेड निर्माण कार्य स्वीकृत कर समय-सीमा में पूर्ण कराया गया। शेड निर्माण के बाद अब पशुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण मिल रहा है, जिससे उनकी देखभाल बेहतर तरीके से हो रही है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। वर्तमान में सुकृता के पास कई गाय एवं बछड़ा है, जिनका वे व्यवस्थित रूप से पालन कर रही हैं।

सुकृता ने बताया कि पहले पशुओं को रखने की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब शेड निर्माण से काफी सुविधा हुई है। साथ ही पशुओं से प्राप्त गोबर से खाद का निर्माण किया जा रहा है, जिसका उपयोग वे अपने खेतों में करती हैं, जिससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रतिमाह 10 से 12 हजार रूपये की आमदनी हो जाती है। इस निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय मनरेगा मजदूरों को भी रोजगार प्राप्त हुआ, जिससे योजना के मूल उद्देश्यकृरोजगार सृजन एवं स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माणकृकी प्रभावी पूर्ति हुई।

ग्राम धुरकोट में यह पहल अन्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। अब गांव के अन्य लोग भी मनरेगा के माध्यम से पशुपालन एवं अन्य आजीविका आधारित कार्यों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इस प्रकार यह कार्य न केवल एक हितग्राही, बल्कि पूरे गांव के समग्र विकास का माध्यम बन रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित

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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT