पटाखा दुकानों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी, नियमों की अनदेखी पर संचालक होंगे जिम्मेदार
धमतरी, 30 अक्टूबर (हि.स.)। दीपावली पर्व पर पटाखों की बिक्री के दौरान आगजनी की घटनाओं को रोकने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिले में संचालित होने वाली स्थायी एवं अस्थायी पटाखा दुकानों को अग्नि सुरक्षा के निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नगर सेना धमतरी ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक दुकान में अग्निशमन यंत्र सहित सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए। नियमों की अनदेखी से होने वाली किसी भी घटना के लिए संबंधित दुकान संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे। जारी एडवाइजरी के अनुसार, पटाखा दुकानें कपड़े, बांस, रस्सी और टेंट जैसी ज्वलनशील सामग्री से नहीं, बल्कि अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड में संचालित होनी चाहिए। दो दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। साथ ही दुकानों का निर्माण एक-दूसरे के ठीक सामने नहीं किया जा सकेगा। सुरक्षा के लिहाज से दुकानों में रोशनी के लिए तेल के लैंप, गैस लैंप और खुली बिजली बत्ती का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। विद्युत तारों के जोड़ खुले नहीं होने चाहिए तथा प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगाना जरूरी होगा, ताकि शॉर्ट सर्किट होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो सके।
दुकानों को ट्रांसफार्मर के पास नहीं बनाया जाएगा और न ही उनके ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजरनी चाहिए। प्रत्येक दुकान में पांच किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र रखना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा दुकानों के सामने निर्धारित अंतराल पर 200 लीटर क्षमता के पानी से भरे ड्रम और बाल्टियों की व्यवस्था करनी होगी। एडवाइजरी में पटाखा दुकानों से 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। दुकानों के सामने बाइक और कार पार्किंग भी प्रतिबंधित रहेगी, ताकि आपात स्थिति में अग्निशमन वाहनों की आवाजाही बाधित न हो। अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस के संपर्क नंबर दुकान परिसर में प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने होंगे। साथ ही अग्निशमन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह रखना अनिवार्य होगा। आवश्यकता और उपलब्धता के अनुसार शाम 7 से रात 10 बजे तक अग्निशमन वाहनों को स्टैंडबाय ड्यूटी पर भी तैनात किया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री के साथ दुकानदारों, ग्राहकों और आसपास रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी पटाखा दुकान संचालकों से निर्धारित सुरक्षा मानकों का गंभीरता से पालन करने की अपील की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

