अंबिकापुर में तिलहन किसान मेले का भव्य आगाज, सीएम साय बोले- किसानों से किया हर वादा निभा रही सरकार
अंबिकापुर, 21 मार्च (हि.स.)। सरगुजा जिले के राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र में शनिवार को दो दिवसीय राज्यस्तरीय तिलहन किसान मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों और निजी कंपनियों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर आधुनिक कृषि तकनीकों और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उपायों की सराहना की। विश्व वानिकी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में लगभग 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है और सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार धान की खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपये में कर रही है और अंतर की राशि का भुगतान भी एकमुश्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में सरकार ने किसानों से किए हर वादे को पूरा करने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री ने तिलहन उत्पादन बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि देश अभी भी खाद्य तेल के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं है और लगभग 43 प्रतिशत तिलहन का आयात करना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिए राज्य में तिलहन विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने की अपील करते हुए बताया कि तिलहन फसलों के लिए प्रति एकड़ 11 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर आय बढ़ाने पर भी बल दिया।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने किसानों से दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन में वृद्धि करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं और राज्य के 28 कृषि महाविद्यालयों व 27 कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से हर वर्ष करीब 50 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मेले में कुल 40 स्टॉल लगाए गए, जिनमें विभिन्न विभागों, कृषि संस्थानों और निजी कंपनियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सामग्री वितरित करते हुए मछली पालन के लिए जाल और आइस बॉक्स तथा ट्रैक्टर अनुदान के चेक भी प्रदान किए। इस दौरान किसानों को शासन की योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। यह मेला किसानों के लिए नई तकनीक, बेहतर उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

