home page

धान की खड़ी फसल गिरी, किसान चिंतित

 | 
धान की खड़ी फसल गिरी, किसान चिंतित


धमतरी, 23 सितंबर (हि.स.)। मंगलवार रात और बुधवार को हुई बारिश के साथ तेज हवा ने खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। कई खेतों में फसल गिर गई और धान की बालियां पानी में डूब गईं। इससे किसानों को काफी नुकसान होने की आशंका है।

किसानों का कहना है कि इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन कटाई से पहले बारिश और तेज हवा ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। डाही सहित आसपास के छाती, सेमरा, सेनचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, कसही, हंकारा, अंगारा, खम्हरिया, जुनवानी, डोमा, गुजरा, कोसमर्रा, भखारा, बिरेतरा, रावनगुड़ा, धौराभाठा, लिमतरा, सम्बलपुर, सांवरा, पीपरछेड़ी, घागरा, कंडेल, पुरी, गोपालपुरी और कांशिपुरी के खेतों में फसल गिरकर बिछ गई है।

किसान जगत राम देवांगन, सुरेश देवांगन ने बताया कि, पानी में डूबी बालियों के खराब होने के साथ उनमें बीमारी लगने की आशंका भी बनी हुई है। किसानों रघु साहू, रमेश सिन्हा ने कहा कि हरुना धान की फसल कुछ दिनों बाद कटाई के लिए तैयार होने वाली थी, लेकिन लगातार मौसम खराब रहने से कीट प्रकोप भी बढ़ गया है। फसल को बचाने के लिए किसानों को बार-बार कीटनाशक का छिड़काव करना पड़ रहा है, जिससे कृषि लागत बढ़ रही है। बारिश, तेज हवा और कीट प्रकोप के कारण किसान संभावित आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा