कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों के लिए बनाई जाए विशेष कार्ययोजना: जयंत नाहटा
धमतरी, 15 जुलाई (हि.स.)। जिले की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा (आईएएस) ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी तक समय पर सभी शासकीय सुविधाएं पहुंचाना अधिकारियों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक में विद्यालयवार परीक्षा परिणाम, शिक्षकों की उपस्थिति, पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरण, साइकिल वितरण, आरटीई प्रवेश, पीएम श्री एवं समग्र शिक्षा के निर्माण कार्यों सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। सीईओ ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम कमजोर रहा है, वहां विशेष कार्ययोजना बनाकर अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएं, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर नियमित मार्गदर्शन दिया जाए तथा प्रत्येक स्तर पर सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रत्येक बीईओ को हर माह कम से कम दो विद्यालयों का अनिवार्य निरीक्षण कर फोटोग्राफ सहित विस्तृत प्रतिवेदन जिला कार्यालय भेजने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और अनुपस्थित अथवा लापरवाह कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत संचालित केंद्रीकृत रसोई की समीक्षा करते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ एवं समय पर मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश और अन्य शैक्षणिक सामग्री तत्काल विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में युक्तियुक्तकरण के बाद विद्यालयों की स्थिति, पीएम श्री एवं समग्र शिक्षा के निर्माण कार्य, एफएलएन मिशन, मुस्कान पुस्तकालय, समावेशी शिक्षा, उपचारात्मक शिक्षा, बचपन डिजिटल, विज्ञान गतिविधियां, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, विद्यांजलि और मोर बालवाड़ी सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। नाहटा ने विद्यालयों में नवाचार, तकनीक आधारित शिक्षण, विज्ञान गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण, जवाबदेही, सतत मॉनिटरिंग और अधिकारियों-शिक्षकों के समन्वित प्रयासों से ही जिले की शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार संभव है। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

