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हुनर को रोजगार बना आत्मनिर्भर बन रहीं बिहान की महिलाएं

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हुनर को रोजगार बना आत्मनिर्भर बन रहीं बिहान की महिलाएं


जांजगीर-चांपा, 11 अगस्त (हि.स.)। रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और स्नेह का प्रतीक है। इस रिश्ते को मजबूत करने वाली राखियां अब जिले की स्व सहायता समूह की महिलाओं के हुनर और मेहनत की पहचान भी बन रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) बिहान से जुड़ी महिलाएं स्थानीय सामग्री और अपनी रचनात्मकता का उपयोग कर आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं।

बलौदा विकासखंड के ग्राम पंचायत रसौटा की जागृति स्व सहायता समूह की महिलाओं सहित जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों की समूह की महिलाएं राखियां तैयार करने में जुटी हैं। महिलाएं धान, चावल, रंगीन मोती, नग, स्टोन, ऊन, मौली एवं रेशम के धागों सहित रंग-बिरंगी सजावटी सामग्री का उपयोग कर आकर्षक और पारंपरिक राखियां बना रही हैं। महिलाएं बाजार से आवश्यक सामग्री खरीदकर उसे अपने घरों में कलात्मक ढंग से तैयार करती हैं। तैयार राखियों को स्थानीय बाजारों और विभिन्न बिक्री केंद्रों के माध्यम से बेचकर महिलाएं अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आय में सहयोग मिलने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल रहा है।

समूह की सचिव श्रीमती सुनीता अनंत ने बताया कि स्थानीय बाजारो सहित कलेक्टोरेट परिसर में भी स्टॉल लगाकर राखियां बिक्री किया। जिससे उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। बिहान से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं अब केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने हुनर को आजीविका का साधन बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

राखी निर्माण का यह काम महिलाओं के लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय का अवसर लेकर आया है। समूह की महिलाओं का कहना है कि अपने हाथों से तैयार की गई राखियों को बाजार में लोगों द्वारा पसंद किया जाना उनके लिए खुशी और गर्व की बात है। समूह के माध्यम से उन्हें एक-दूसरे से सीखने, नए डिजाइन तैयार करने और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT