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कोरबा में 13 किलोमीटर की वाॅकथान से दिया स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अध्यात्म का संदेश

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कोरबा में 13 किलोमीटर की वाॅकथान से दिया स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अध्यात्म का संदेश


काेरबा, 17 अक्टूबर (हि.स.)। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा आयोजित ‘चलो रामकचहरी-राम भांचा के द्वार’ वाॅकथान में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। दूधीडांगर से पुटका पहाड़ स्थित रामकचहरी तक आयोजित इस 13 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के नायक शोभिनव सत्य और महापौर संजूदेवी राजपूत भी शामिल हुए।

कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर आयोजित इस वाॅकथान का मार्गदर्शन महापौर संजूदेवी राजपूत और नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने किया। आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के साथ अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, एसडीएम सरोज महिलांगे तथा नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों ने 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

पुटका पहाड़ स्थित रामकचहरी पहुंचने पर शोभिनव सत्य ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल अध्यात्म, प्रकृति, पर्यावरण और स्वच्छता का सुंदर मिश्रण है। उन्होंने महापौर और आयुक्त को इस अभिनव आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम लोगों को प्रकृति और अध्यात्म से जोड़ने के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हैं।

शोभिनव सत्य ने पुटका पहाड़ की लगभग 3,000 फुट की ऊंचाई से स्वच्छता का संदेश देते हुए रामकचहरी क्षेत्र की साफ-सफाई के लिए नगर निगम के सफाई मित्रों और कर्मचारियों के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने रामकचहरी स्थित हनुमान प्रतिमा पर वंदन-लेपन कर पूजा-अर्चना की तथा इस ऐतिहासिक स्थल के महत्व की जानकारी प्राप्त की।

महापौर संजूदेवी राजपूत ने कहा कि वाकथान का उद्देश्य लोगों को अध्यात्म से जोड़ने, प्रकृति का संरक्षण करने और स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने पदयात्रा में शामिल सभी लोगों को बधाई देते हुए स्वच्छ और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि यह वाॅकथान केवल एक पदयात्रा नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली और प्रभु श्रीराम के प्रति आस्था का संगम है। उन्होंने बताया कि रामकचहरी एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व का स्थल है। मान्यता के अनुसार, राम वनगमन के दौरान भगवान श्रीराम यहां रुके थे। जिला प्रशासन, पंचायत और वन विभाग के सहयोग से इस स्थल का पर्यावरण अनुकूल विकास करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान भारत विकास परिषद के तत्वावधान में देहदान करने वाले परिवारों के सदस्यों रमेश साहू, धनंजय चौहान, महेन्द्र महतो और संतोष महंत को सम्मानित किया गया। वहीं, नेत्रदान करने वाले डॉ. एम.एन. उपाध्याय की पत्नी हंसा उपाध्याय का भी सम्मान किया गया।

इस अवसर पर स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छता दीदियों को भी सम्मानित किया गया। प्लास्टिक संग्रहण में उत्कृष्ट कार्य के लिए कविता गुप्ता, सर्वाधिक उपस्थिति के लिए यशोदा यादव, गीले कचरे से सर्वाधिक खाद बनाने के लिए रोशन बेक, घर-घर अपशिष्ट संग्रहण में शत-प्रतिशत कार्य के लिए उर्मिला बरेठ तथा कबाड़ से उपयोगी कलाकृतियां बनाने के लिए मीना को सम्मानित किया गया। आयोजन के माध्यम से स्वच्छ कोरबा, हरित पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी