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सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से, जनभागीदारी बढ़ाने जिलेवासियों से अपील

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सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से, जनभागीदारी बढ़ाने जिलेवासियों से अपील


युवाओं, विद्यार्थियों, मातृशक्ति और संगठनों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान

बलरामपुर, 13 सितंबर (हि.स.)। बलरामपुर जिले में 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का रूप देने की तैयारी की जा रही है। आज रविवार को कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के साथ सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गौ सेवक सुरेंद्र यादव, अधिवक्ता राहुल मालाकार और प्राध्यापक योगेश राठौर ने जिलेवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेवा और जनकल्याण के कार्यों में समाज के हर वर्ग की भागीदारी से अभियान को व्यापक रूप दिया जा सकता है।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं, माताओं-बहनों और विद्यार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार सेवा गतिविधियों में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता जरूरी है।

सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से सेवा भावना, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

गौ सेवक सुरेंद्र यादव ने कहा कि सेवा और जनकल्याण के कार्यों में समाज की सामूहिक भागीदारी से अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने सामाजिक संगठनों और समाज प्रमुखों से सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि सेवा को जनभागीदारी का माध्यम बनाकर अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।

अधिवक्ता राहुल मालाकार ने कहा कि समाज के विकास में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से आगे बढ़कर सेवा गतिविधियों में योगदान देने की अपील की। उनके अनुसार अभियान के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने का अवसर मिलेगा।

प्राध्यापक योगेश राठौर ने विद्यार्थियों और युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सेवा की भावना नई पीढ़ी के संस्कारों का हिस्सा बननी चाहिए। उन्होंने ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ जैसी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को विकसित भारत की परिकल्पना से जोड़ने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और युवाओं से अभियान की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।

अभियान के जरिए प्रशासन के साथ समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर सेवा, सहयोग और जनकल्याण की गतिविधियों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिलेवासियों से अपील की गई है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार अभियान में योगदान देकर इसे सफल बनाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय