जनगणना 2027: कोरबा में 10 जनवरी से शुरू होगी स्व-गणना, 25 जनवरी से घर-घर पहुंचेंगी टीमें
कोरबा, 28 अक्टूबर (हि. स.)। जनगणना-2027 को लेकर कोरबा जिले में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। जिले में 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जबकि 25 जनवरी से 28 फरवरी तक घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी। जनगणना कार्य को समय-सीमा में पूरा करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बुधवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिला स्तरीय प्रशिक्षण का निरीक्षण कर अधिकारियों को पूरी गंभीरता, सावधानी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जनगणना देश का महत्वपूर्ण कार्य है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना के नए नियमों और प्रावधानों की जानकारी हासिल करने तथा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार सभी तैयारियां पूरी करने को कहा।
जिले में 26 और 27 अक्टूबर को 12 तहसीलों के तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, चार्ज अधिकारियों, जनगणना लिपिकों और तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया। वहीं 28 और 29 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद दीपका, कटघोरा और बांकीमोंगरा, नगर पंचायत पाली एवं छुरीकला तथा नगर निगम कोरबा के सात जोन के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जनगणना-2027 के तहत 40 प्रश्नों के माध्यम से नागरिकों से नाम, आयु, शिक्षा, रोजगार, आधार कार्ड और बैंक खाते की उपलब्धता सहित विभिन्न जानकारियां एकत्र की जाएंगी। जिले में कुल 24 जनगणना चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 12 ग्रामीण और 12 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि घर-घर होने वाली जनगणना के संबंध में नागरिकों को पहले से जागरूक किया जाए। इसके लिए पाम्पलेट, रेडियो, सिनेमा और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे।
जनगणना कार्यक्रम के अनुसार 10 से 24 जनवरी 2027 तक स्व-गणना पोर्टल खुला रहेगा। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी तक 35 दिनों में घर-घर जाकर गणना की जाएगी। एक परिवार की जानकारी दर्ज करने में लगभग 23 से 30 मिनट लगने का अनुमान है। बेघर व्यक्तियों की गणना 28 फरवरी को शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक की जाएगी। वहीं 1 से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण अभियान चलाकर छूटे हुए लोगों को जनगणना में शामिल किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय प्रशिक्षक एवं जनगणना कार्य निदेशालय रायपुर के संयुक्त निदेशक अशोक मिश्रा ने अधिकारियों को जनगणना की विभिन्न प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी ओंकार यादव, अपर कलेक्टर कटघोरा, जिला नोडल अधिकारी बैद्यनाथ कुमार और अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी एम.एस. कंवर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

