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कोरबा में “सही दवा-शुद्ध आहार” अभियान का दूसरा चरण तेज, वैक्सीन स्टोरेज और कोल्ड चेन की हुई सघन जांच

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कोरबा में “सही दवा-शुद्ध आहार” अभियान का दूसरा चरण तेज, वैक्सीन स्टोरेज और कोल्ड चेन की हुई सघन जांच


कोरबा, 04 मई (हि. स.)। छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकताओं में जनस्वास्थ्य सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रमुख है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए “सही दवा-शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के तहत जिले में 27 अप्रैल से 11 मई तक पंद्रह दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा गठित टीम और सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में अभियान का दूसरा चरण फिलहाल जारी है।

दूसरे चरण के अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा औषधि प्रकोष्ठ कोरबा की टीम ने आज राजस्व और पुलिस विभाग के साथ मिलकर जिले के शासकीय और निजी अस्पतालों में वैक्सीन स्टोरेज और कोल्ड चेन व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निहारिका स्थित श्री तिरुपति मेडिकल एजेंसी, स्वेता हॉस्पिटल परिसर में संचालित पैसिफिक मेडिकल स्टोर्स (रिस्दी), डॉ. एस. के. अग्रवाल चाइल्ड क्लिनिक, मधुशील मेडिको, मंगलम विहार स्थित कृष्णा हॉस्पिटल, कोसाबाड़ी स्थित एनकेएच हॉस्पिटल सहित जिला अस्पताल के वैक्सीन स्टोरेज सेंटर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानी धन कुंवर (पुराना बस स्टैंड) में व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई।

जांच के दौरान टीम ने वैक्सीन के उचित तापमान में भंडारण, क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों की जांच और स्टॉक मिलान किया। कुछ केंद्रों में फ्रिज से जुड़े अलार्म सिस्टम सही तरीके से कार्य नहीं कर रहे थे, जिन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी केंद्रों को वैक्सीनेशन के बाद संभावित दुष्प्रभावों के रिकॉर्ड के लिए पंजी संधारित करने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि अधिकांश संस्थानों में आईएलआर (ILR) और डीप फ्रीजर का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन कुछ स्थानों पर तापमान प्रदर्शन प्रणाली और तापमान लॉगबुक के नियमित संधारण में कमी पाई गई। अधिकारियों ने आवश्यकतानुसार पावर बैकअप और वैक्सीन कैरियर की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि वैक्सीन का विक्रय निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप ही किया जाए।

अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक अनुरूप दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना, अवैध औषधि विक्रय पर नियंत्रण स्थापित करना और संबंधित कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन करना है।

प्रशासन के अनुसार आगामी दिनों में कोटपा अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई, नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए मेडिकल स्टोर्स की जांच और व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कोरबा जिले में औषधि और वैक्सीन वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और मानक अनुरूप बनी रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी