भीषण गर्मी से लोग बेहाल, अब हो रहा मानसून का इंतजार
धमतरी, 05 जून (हि.स.)। नौतपा भले ही समाप्त हो चुका है, लेकिन इन दिनों पड़ रही तेज गर्मी से लोगों का जीना मुहाल है। जिले में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और उमस ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रही है, जबकि दोपहर के समय शहर की सड़कें सूनी नजर आ रही हैं।
तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल दिखाई दे रही है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग सिर और चेहरे को कपड़ों से ढंककर चलने को मजबूर हैं। गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और रोजाना मेहनत-मजदूरी करने वाले श्रमिकों को झेलनी पड़ रही है।
भीषण गर्मी का असर बिजली और पानी की व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बढ़ती मांग के चलते कई इलाकों में बार-बार बिजली कटौती और जलापूर्ति संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि घरों में चल रहे कूलर और पंखे भी गर्म हवा उगल रहे हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। वहीं प्रशासन भी लू से बचाव को लेकर लगातार जागरूकता संदेश जारी कर रहा है। तपती धरती और झुलसाती हवा से राहत पाने लोग मानसून का इंतजा कर रहे हैं।
गर्मी से डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे लोग:
सीएमएचओ डा यूएल कौशिक ने बताया की गर्मी के कारण निकलने वाले पसीने के साथ शरीर के लिए जरुरी खनिज लवण भी बाहर निकल जाते है। जिसका प्रभाव लोगो की सेहत पर पड़ता है। डिहाइड्रेशन का शिकार होने से बचने के लिए सबसे आवश्यक ज्यादा से ज्यादा पानी पीना है। तेज धूप में निकलने से बचाना चाहिए, जरुरी हो तो स्कार्फ, चश्मा, टोपी पहनकर ही निकलना चाहिए। बाहर के व तले, मसाना वाले भोजन से परहेज करना चाहिए। लू लगने का लक्षण बताया कि शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ना व पसीना न आना, प्यास अधिक लगना व पेशाब न आना, शरीर में भारीपन, दर्द, चक्कर, उल्टी, दस्त, कमजोरी, भूख कम लगना आदि शामिल है। डा कौशिक ने बताया कि लू से बचाव के लिए आम लोगो के लिए एडवायजरी जारी की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

