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भीषण गर्मी में प्यासा शहर: धमतरी के 36 बोर सूखे, कई वार्डों में टैंकर बना सहारा

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भीषण गर्मी में प्यासा शहर: धमतरी के 36 बोर सूखे, कई वार्डों में टैंकर बना सहारा


भीषण गर्मी में प्यासा शहर: धमतरी के 36 बोर सूखे, कई वार्डों में टैंकर बना सहारा


धमतरी, 26 मई (हि.स.)। भीषण गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर ने अब धमतरी शहर में जल संकट को गंभीर बना दिया है। गांवों के बाद अब शहर के कई वार्डों में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि नगर निगम क्षेत्र के 186 बोर पंपों में से 36 पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि कई बोरों में पानी का दबाव बेहद कम हो गया है। इससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

जानकारी के अनुसार धमतरी शहर के ब्लॉक में भूजल स्तर 20.20 मीटर तक नीचे पहुंच गया है, वहीं शहर में यह स्तर 21 मीटर तक गिर चुका है। इसका सीधा असर जलापूर्ति व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। विंध्यवासिनी वार्ड, लालबगीचा, बांसपारा, सुभाष नगर, कोष्टापारा और जोधापुर सहित कई इलाकों में पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है। नगर निगम के जल विभाग के मुताबिक शहर के 186 बोर पंपों में से वर्तमान में केवल 150 ही चालू हालत में हैं। बाकी बोर या तो सूख चुके हैं या पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे। वहीं 96 हैंडपंपों में से पांच हैंडपंप भी बंद हो चुके हैं। इसके चलते ब्राह्मणपारा, पोस्ट ऑफिस वार्ड, रामसागर पारा, महिमा सागर, डाक बंगला वार्ड और जोधापुर क्षेत्र में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। जल संकट को लेकर लोगों में नाराजगी भी बढ़ने लगी है। बीते दिनों डाक बंगला वार्ड और जोधापुर वार्ड में घरों में गंदा पानी आने की शिकायत पर कांग्रेस पार्षदों ने निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया था। वहीं सोमवार को कोष्टापारा वार्ड के लोग टुल्लू पंप से अवैध रूप से पानी खींचे जाने की शिकायत लेकर नगर निगम पहुंचे। शाेभितराम साहू, बिसेलाल साहू सहित अन्य वार्डवासियों ने बताया कि कुछ लोग टुल्लू पंप लगाकर अधिक पानी खींच रहे हैं, जिससे आसपास के घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा। जागरूक लोगों ने मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में जल विभाग के सभापति अखिलेश सोनकर ने आज बताया कि भूजल स्तर में लगातार गिरावट के कारण 10 मोटर पंप और पांच हैंडपंप बंद हो चुके हैं, जबकि 36 बोर पहले से ही बंद पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए शहर की निचली बस्तियों और जलभराव वाले 47 स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने की योजना बनाई गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा