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बोर्ड रिजल्ट में फिसड्डी स्कूलों पर गिरेगी गाज

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बोर्ड रिजल्ट में फिसड्डी स्कूलों पर गिरेगी गाज


धमतरी, 09 मई (हि.स.)। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जिले में कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सरकारी और अनुदान प्राप्त ऐसे स्कूल, जिनका परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा है, उनकी सूची तैयार कर ली गई है। अब इन स्कूलों की जिलास्तरीय समीक्षा होगी और कमजोर परिणाम के लिए जिम्मेदार प्राचार्यों व शिक्षकों से जवाब तलब किया जाएगा।

जिला शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले के 27 स्कूलों का परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा। इनमें 10 स्कूल ऐसे हैं, जहां रिजल्ट 50 प्रतिशत से भी नीचे दर्ज किया गया। वहीं 12वीं बोर्ड परीक्षा में जिले के दो स्कूलों का परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा, जिनमें एक स्कूल का रिजल्ट 50 प्रतिशत से नीचे पहुंच गया। शिक्षा विभाग अब स्कूलवार समीक्षा कर कारणों की पड़ताल कर रहा है। जानकारी के अनुसार कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में धमतरी ब्लॉक के सोरम स्कूल का परिणाम 47.37 प्रतिशत, दोनर 44.74 प्रतिशत और बारना 43.75 प्रतिशत रहा। कुरूद ब्लॉक के दहदहा स्कूल का परिणाम 38.67 प्रतिशत तथा सेजेस हिंदी स्कूल का 32.20 प्रतिशत दर्ज किया गया। मगरलोड ब्लॉक के सोनझरी स्कूल का परिणाम 46.66 प्रतिशत, मोहरेंगा 43.47 प्रतिशत और बिरझुली 40.74 प्रतिशत रहा। नगरी ब्लॉक के पीवीजीटीआरएस स्कूल का परिणाम 42.86 प्रतिशत तथा देवपुर स्कूल का 33.90 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं 12वीं बोर्ड परीक्षा में नगरी ब्लॉक के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल देवपुर का परिणाम मात्र 42.22 प्रतिशत रहा। सहायक संचालक शिक्षा विभाग देवेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि नगरी ब्लॉक के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक लेकर बोर्ड परीक्षा परिणामों का गहन परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से ही विद्यार्थियों के लिए विशेष तैयारी योजना बनाने और पूरक प्राप्त छात्रों पर विशेष ध्यान देने कहा गया है।

डीईओ अभय कुमार जायसवाल ने बताया कि नगरी ब्लॉक में समीक्षा के दौरान कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। मगरलोड, कुरूद और धमतरी ब्लॉक की समीक्षा पूरी होने के बाद कलेक्टर जिला स्तर पर अंतिम समीक्षा करेंगे, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई तय की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा