अंबिकापुर : संकल्प अस्पताल की लापरवाही ने ली महिला गार्ड की जान, सड़क पर शव रखकर परिजनों का भारी हंगामा
अंबिकापुर, 05 मई (हि.स.)। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में संचालित संकल्प हॉस्पिटल से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ ड्यूटी के दौरान एक महिला सुरक्षाकर्मी की दर्दनाक मौत के बाद अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
पिछले दो वर्षों से अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही महिला गार्ड के साथ यह हादसा दो दिन पूर्व उस वक्त हुआ, जब वह जनरेटर में डीजल भरने गई थी। इसी दौरान उसका दुपट्टा अचानक जनरेटर के बेल्ट में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अस्पताल में ही उपचार के दौरान उसकी सांसे थम गईं। इस हृदय विदारक घटना ने न केवल प्रबंधन की संवेदनहीनता को उजागर किया, बल्कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की पोल भी खोल दी है।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का आरोप लगाते हुए मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दो साल तक निष्ठापूर्वक सेवा देने वाली कर्मचारी की मौत पर प्रबंधन का अड़ियल रवैया निंदनीय है। सड़क पर शव रखकर किए गए इस प्रदर्शन से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सूचना मिलते ही मणिपुर थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद परिजनों को समझाने का प्रयास किया। अंततः, जब अस्पताल प्रबंधन ने मृतिका के परिजनों को 9 लाख रुपये का मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ और शव को वहां से हटाया गया। यह घटना अब जांच के घेरे में है कि आखिर एक सुरक्षाकर्मी को तकनीकी उपकरणों के पास बिना सुरक्षा प्रोटोकॉल के क्यों जाने दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

