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धान उपार्जन केंद्र में रेत डंपिंग का मामला गरमाया, अनुमति को लेकर उठे सवाल

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धान उपार्जन केंद्र में रेत डंपिंग का मामला गरमाया, अनुमति को लेकर उठे सवाल


धमतरी, 26 अगस्त (हि.स.)। झुरा नवागांव स्थित धान उपार्जन केंद्र इन दिनों धान खरीदी के बजाय परिसर में रेत डंप किए जाने को लेकर चर्चा में है। उपार्जन केंद्र परिसर में बड़ी मात्रा में रेत जमा होने के बाद इसके स्रोत और भंडारण की अनुमति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर उपार्जन केंद्र जैसे महत्वपूर्ण परिसर में रेत रखने की अनुमति किसने दी और किसके आदेश पर इसका भंडारण किया जा रहा है।

पूर्व सोसायटी अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता अशोक साहू ने मामले की जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध रेत का कारोबार चल रहा है। उन्होंने प्रशासन से रेत के स्रोत और उपार्जन केंद्र परिसर में उसके भंडारण की अनुमति को स्पष्ट करने की मांग की। उनका आरोप है कि अवैध रेत कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। मामले में अब यह जांच का विषय है कि परिसर में डंप रेत किसकी है, कहां से लाई गई और उसे रखने की अनुमति किसने दी। उपार्जन केंद्र के प्रभारी पुरुषोत्तम पटेल ने कहा कि उन्हें रेत डंप किए जाने की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि सरपंच द्वारा रेत रखवाए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि उपार्जन केंद्र की जमीन को लेकर विवाद की स्थिति है और ताला लगाने के बाद उसे तोड़ दिया जाता है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

धमतरी। जिले में रेत के अवैध परिवहन को लेकर कांग्रेस नेताओं ने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गौतम वाधवानी और नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने बताया कि लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर मंगलवार रात करीब 10 बजे नहरनाका के पास हाईवा वाहनों की जांच की गई। पूछताछ के दौरान वाहन चालकों से पिटपास की जानकारी मांगी गई, जिसमें पिटपास नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद सड़क किनारे खड़े सात हाईवा वाहनों की सूचना पुलिस प्रशासन और नायब तहसीलदार को दी गई।

नेताओं के अनुसार वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की जा रही है। गौतम वाधवानी ने कहा कि हाईवा के जरिए रेत चोरी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं और इसकी जांच आवश्यक है। दीपक सोनकर ने कहा कि बिना पिटपास भारी लोड हाईवा का धमतरी से गुजरना खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने रेत परिवहन की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा