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नौ उर्वरक केन्द्रों में विक्रय प्रतिबंध, कई को कारण बताओ नोटिस जारी

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नौ उर्वरक केन्द्रों में विक्रय प्रतिबंध, कई को कारण बताओ नोटिस जारी


नौ उर्वरक केन्द्रों में विक्रय प्रतिबंध, कई को कारण बताओ नोटिस जारी


उर्वरक विक्रय केन्द्रों पर प्रशासन सख्त

धमतरी, 06 अप्रैल (हि.स.)। धमतरी जिले में किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी, जमाखोरी व अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में कृषि विभाग की टीम द्वारा लगातार औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है।

उप संचालक कृषि ने साेमवार काे बताया कि उर्वरक निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने जिलेभर के निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों में छापेमार कार्रवाई करते हुए भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान कई केन्द्रों में पॉश मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक उपलब्ध उर्वरक में अंतर पाया गया। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर का सही संधारण नहीं करने जैसी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं।

इन खामियों को देखते हुए मेसर्स राजेश ट्रेडर्स धमतरी, कृषक साथी धमतरी, राज इंटरप्राइजेस अर्जुनी, श्री श्याम ट्रेडर्स श्यामतराई, महेन्द्र ट्रेडर्स नगरी, जय किसान ट्रेडर्स नगरी, किसान संगवारी बोरसी मगरलोड, साक्षी कृषि केन्द्र परसवानी तथा मानिक ट्रेडर्स मगरलोड सहित कुल 09 उर्वरक विक्रय केन्द्रों पर तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसी कार्रवाई के तहत मगरलोड, कुरूद और धमतरी विकासखंड के अन्य केन्द्रों में भी निरीक्षण के दौरान गड़बड़ियां पाई गईं।

मेसर्स छत्तीसगढ़ खाद भण्डार सांकरा, प्रेम कृषि केन्द्र मगरलोड, किसान ट्रेडर्स कुरूद, देवांगन कृषि केन्द्र कोकड़ी, कुणाल कृषि केन्द्र कोलियारी एवं देवांगन ट्रेडर्स रत्नाबांधा को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों की कालाबाजारी या अधिक मूल्य पर बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण सहित कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

किसानों की सुविधा के लिए जिलास्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां उर्वरक से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। साथ ही मैदानी स्तर पर निरीक्षक दलों की तैनाती कर सतत निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय पक्का बिल अवश्य लें, निर्धारित दर से अधिक भुगतान न करें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा