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बलरामपुर जिले में 15 सितंबर तक मनाया जा रहा साक्षरता पखवाड़ा

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15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने पर जोर, जिले में 6250 वयस्कों का हुआ पंजीयन

बलरामपुर, 04 सितंबर (हि.स.)। बलरामपुर जिले में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए साक्षरता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता और साक्षरता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 1 सितंबर से शुरू हुआ है और 15 सितंबर तक चलेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे वयस्कों को पढ़ने-लिखने और जरूरी संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ना है, जो किसी कारणवश विद्यालयीन शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके। इसके माध्यम से लोगों को रोजमर्रा के जीवन में आवश्यक बुनियादी ज्ञान देकर आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर देशभर में साक्षरता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले में भी 1 से 15 सितंबर तक तिथिवार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सर्वे के अनुसार बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 15 वर्ष से अधिक आयु के कुल 6250 असाक्षरों का पंजीयन किया गया है। इनमें 3750 महिलाएं और 2500 पुरुष शामिल हैं। इन लोगों को साक्षरता कार्यक्रम से जोड़कर बुनियादी पढ़ने-लिखने और संख्यात्मक ज्ञान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

परीक्षा की तैयारी के लिए संचालित हो रहे उल्लास केंद्र

उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान आकलन परीक्षा सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने की संभावना है। महापरीक्षा अभियान में शामिल होने वाले असाक्षर परीक्षार्थियों की तैयारी के लिए जिले में उल्लास केंद्रों का नियमित संचालन किया जा रहा है।

कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा उल्लास केंद्रों और साक्षरता गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग भी की जा रही है। अभियान के माध्यम से जिले में अधिक से अधिक वयस्कों को साक्षरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय