सक्षम योजना ने बदली दयावती की राह, मजदूरी से मसाला कारोबार तक पहुंचीं
धमतरी, 24 अगस्त (हि.स.)। मेहनत, आत्मविश्वास और सरकारी योजना का साथ मिले तो मुश्किल परिस्थितियां भी अवसर में बदल सकती हैं। ग्राम देमार की दयावती यादव की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है। कभी परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मजदूरी पर निर्भर दयावती अब स्वयं का मसाला व्यवसाय संचालित कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना से मिली 80 हजार रुपये की आर्थिक सहायता ने उनके लिए स्वरोजगार का नया रास्ता खोल दिया।
परिवार में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाला बेटा और काम करने में असमर्थ सास की जिम्मेदारी दयावती पर थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण घर का खर्च चलाने और बेटे की पढ़ाई जारी रखने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सक्षम योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने प्राप्त सहायता राशि को स्वरोजगार में लगाने का निर्णय लिया और गरम मसाले का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने सीलिंग मशीन, पैकिंग सामग्री और जरूरी कच्चा माल खरीदा तथा इलायची, तेजपत्ता, दालचीनी सहित विभिन्न मसालों को तैयार कर आकर्षक पैकिंग में बाजार तक पहुंचाना शुरू किया। वर्तमान में उनके पास 100 से अधिक डिब्बों में तैयार पैक किया हुआ मसाला है और वे इसकी बिक्री से आय अर्जित कर रही हैं।
दयावती का लक्ष्य आने वाले समय में उत्पादन और बिक्री बढ़ाकर अपने कारोबार का विस्तार करना है। उनका कहना है कि सक्षम योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता नहीं दी, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना के सहयोग से वे मजदूर से उद्यमी बनी हैं और अब परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण करने के साथ बेटे की पढ़ाई भी जारी रख पा रही हैं। दयावती को महतारी वंदन योजना की राशि की किश्त भी प्राप्त हुई है।
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे प्रयासों से उन्हें नई दिशा मिली है। सक्षम योजना का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जो परिवार के भरण-पोषण के लिए संघर्ष कर रही हैं और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। दयावती की सफलता इस बात की मिसाल है कि सही अवसर, सरकारी सहयोग और मेहनत के बूते महिलाएं न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं, बल्कि उद्यमिता की नई पहचान भी बना सकती हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

