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बिहान योजना से सशक्त हो रहीं ग्रामीण महिलाएं, सावित्री उरांव बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

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बिहान योजना से सशक्त हो रहीं ग्रामीण महिलाएं, सावित्री उरांव बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल


कोरबा, 06 मार्च (हि. स.)। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बिहान कार्यक्रम का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं।

कोरबा जिले में भी बिहान कार्यक्रम के माध्यम से कई महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में विकासखंड करतला के ग्राम सरगबुंदिया की निवासी सावित्री उरांव आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। एक समय ऐसा था जब सीमित आय, आर्थिक असुरक्षा और स्थायी आजीविका के अभाव के कारण उनका जीवन संघर्षों से घिरा हुआ था। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संसाधनों की कमी के चलते जीवनयापन कठिन हो रहा था, लेकिन स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया।

बिहान कार्यक्रम के तहत सावित्री उरांव को समय-समय पर वित्तीय साक्षरता, समूह प्रबंधन, उद्यम विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण दिए गए। इन प्रशिक्षणों ने उन्हें तकनीकी जानकारी के साथ आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। प्रशिक्षण के साथ-साथ जिला प्रशासन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से उनके स्व सहायता समूह को बैंकिंग व्यवस्था से भी जोड़ा गया। इसके तहत समूह को रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि और बैंक ऋण की सुविधा मिली।

इस वित्तीय सहयोग और प्रशिक्षण का लाभ उठाते हुए सावित्री उरांव ने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में वे कपड़ों के व्यापार सहित अन्य गतिविधियों का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। उनके निरंतर परिश्रम, सही मार्गदर्शन और समय पर मिली वित्तीय सहायता का परिणाम है कि आज उनकी वार्षिक आय लगभग 8 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पोषण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

आज सावित्री उरांव न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी एक मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरी हैं। वे अपने गांव की अन्य महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जुड़ने, बचत की आदत अपनाने और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। अपनी सफलता का श्रेय वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन कोरबा को देती हैं। उनका कहना है कि समय पर मिला प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और प्रशासन के मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी