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श्रीमद्भागवत कथा के मंच पर साकार हुआ रुखमणि विवाह एक जोड़ा दाम्पत्य जीवन में बंधा

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श्रीमद्भागवत कथा के मंच पर साकार हुआ रुखमणि विवाह एक जोड़ा दाम्पत्य जीवन में बंधा


श्रीमद्भागवत कथा के मंच पर साकार हुआ रुखमणि विवाह एक जोड़ा दाम्पत्य जीवन में बंधा


श्रीमद्भागवत कथा के मंच पर साकार हुआ रुखमणि विवाह एक जोड़ा दाम्पत्य जीवन में बंधा


-जालमपुर वार्ड में छठवें दिन कथा स्थल बना विवाह मंडप, छत्तीसगढ़ी परंपराओं के साथ संपन्न हुआ विवाह

धमतरी, 18 जनवरी (हि.स.)। शहर के जालमपुर वार्ड में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के छठवें दिन रविवार को रुखमणि विवाह प्रसंग के दौरान एक दम्पती का विधिवत विवाह संपन्न हुआ। इस अनूठे और पुण्य अवसर के साक्षी कथा सुनने पहुंचे सैकड़ों श्रोता बने। धार्मिक वातावरण, भक्ति गीतों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कथा स्थल विवाह मंडप में परिवर्तित हो गया, जहां सनातन परंपरा के अनुसार दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लिए।

वार्डवासियों द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचिका भूमिका देवी द्वारा कथा श्रवण कराया जा रहा है। छठवें दिन उद्धव प्रसंग के साथ रुखमणि विवाह की कथा सुनाई गई। इसी पावन प्रसंग के दौरान ग्राम बेलर निवासी प्रतीक देवांगन और ग्राम अछोटा निवासी माधुरी देवांगन दाम्पत्य जीवन में बंधे। मान्यता है कि भागवत कथा में रुखमणि विवाह के दिन विवाह होना अत्यंत सौभाग्यशाली माना जाता है। इस अवसर पर कथा स्थल को द्वारिकाधीश की तरह सजाया गया। छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार मड़वा, चुलमाटी, तेल-हल्दी, मायन सहित सभी रस्में निभाई गईं। बारात निकाली गई, जिसके मंडप में पहुंचते ही भजन और विवाह गीतों पर श्रोता झूम उठे। भगवान कृष्ण और रुखमणि के स्वरूप की पूजा-अर्चना के पश्चात पंडित द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ विवाह संपन्न कराया गया।

वार्डवासियों ने नवदम्पती को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सुखमय दाम्पत्य जीवन की कामना की। भागवत देवांगन ने बताया कि आज के समय में जहां विवाह अत्यधिक खर्चीले हो गए हैं, वहीं भागवत कथा के दौरान सादगी और परंपरा के साथ संपन्न यह विवाह समाज के लिए प्रेरणादायक है। दुल्हन की बड़ी बहन काजल देवांगन ने कहा कि भागवत कथा के पावन वातावरण में कन्यादान कर उन्हें आत्मिक शांति मिली। महिला मंडल की सदस्य ममता पटेल और रेखा शांडिल्य ने बताया कि जिस प्रकार द्वारिका में कृष्ण-रुखमणि विवाह हुआ, उसी तरह जालमपुर वार्ड में यह आयोजन किया गया। पंडित त्रिभुवन ने इसे सौभाग्य का विषय बताते हुए कहा कि भगवान के सान्निध्य में संपन्न यह विवाह धार्मिक दृष्टि से विशेष फलदायी होता है। श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह को लेकर पूरे जालमपुर वार्ड में हर्ष और उल्लास का माहौल बना हुआ है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा