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सड़क हादसों पर अंकुश और नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के निर्देश, कलेक्टर ने की समीक्षा

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सड़क हादसों पर अंकुश और नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के निर्देश, कलेक्टर ने की समीक्षा


बलरामपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)।बलरामपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने शुक्रवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति और नार्को समन्वय केंद्र (एनकोर्ड) की बैठक ली।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सुरक्षा उपायों में तेजी लाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

सड़क सुरक्षा की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्गों से जुड़ने वाले टी-जंक्शनों पर स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को जल्द शुरू करने और चिन्हित स्थानों पर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा। बरियों में टी-जंक्शन निर्माण की जानकारी दी गई, जबकि तातापानी में राष्ट्रीय राजमार्ग का बीटी कार्य पूरा होने के बाद टी-जंक्शन बनाने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जाए। मुख्य मार्गों पर रिफ्लेक्टर और सांकेतिक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को दूर से ही सड़क की स्थिति और संभावित खतरों का पता चल सके। उन्होंने सड़कों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने तथा आवारा और घुमंतू पशुओं को मार्गों से दूर रखने के लिए व्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।

बैठक में तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण के लिए नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करने वाले तथा बीमा, फिटनेस और परमिट जैसे जरूरी दस्तावेजों के बिना संचालित वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।

एनकोर्ड की बैठक में नशे से जुड़े अवैध कारोबार पर नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश दिए कि जिन मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। निर्धारित समय में निर्देशों का पालन नहीं करने पर दुकान सील करने या लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित करने की कार्रवाई की जाए।

उन्होंने मेडिकल स्टोर्स में काम करने वाले कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन और पुलिस वेरिफिकेशन कराने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही कोटपा एक्ट के प्रावधानों के तहत पान, किराना और अन्य संबंधित दुकानों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिले में छिपकर गांजा और अफीम की खेती किए जाने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने कृषि, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से बाड़ियों में सर्वे और औचक निरीक्षण कर ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने तथा अवैध खेती पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।

कलेक्टर ने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समाज कल्याण विभाग को अभियान चलाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत चिन्हित गांवों में नुक्कड़ नाटक और अन्य जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी देने को कहा गया। बैठक में सड़क सुरक्षा के उपायों के साथ नशे के अवैध कारोबार पर नियंत्रण और जनजागरूकता को लेकर विभागीय जिम्मेदारियों पर जोर दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय