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दुधावा बांध प्रभावित 33 गांवों के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मांगा व्यवस्थापन

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दुधावा बांध प्रभावित 33 गांवों के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मांगा व्यवस्थापन


धमतरी, 05 अक्टूबर (हि.स.)। वर्ष 1954-55 में निर्मित दुधावा बांध से प्रभावित 33 गांवों के लोगों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर व्यवस्थापन की मांग उठाई। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि लंबे समय से व्यवस्थापन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

दुधावा बांध प्रभावित संतोष राम ध्रुव बेलरगांव, रोहित ध्रुव बरबांधा, इंदल सिंह नेताम भुरीडोंगरी, सियाराम सोरी, दौलत राम, राधेराम नेताम बेलर सहित अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों के अनुसार दुधावा बांध से प्रभावित लाखडोंगरी, बागडोंगरी, कोंगेरा, जुनवानी, बेलरगांव, बनोरा, भुरसीडोंगरी, देवखुट सहित 33 गांवों के 106 लोगों ने व्यवस्थापन के लिए क्लेम किया है। प्रभावितों ने व्यवस्थापन के लिए फारेस्ट एरिया टेड़गीनाला की जमीन को उपयुक्त बताते हुए वहां व्यवस्थापन किए जाने की मांग रखी है।

ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण के बाद से प्रभावित परिवारों को विस्थापन और व्यवस्थापन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जिस आधार पर गंगरेल डुबान प्रभावितों का व्यवस्थापन न्यायालय के निर्देशों के अनुसार किया गया है, उसी आधार पर दुधावा बांध प्रभावितों को भी व्यवस्थापन का लाभ दिया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से उनके दावों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों के लिए शीघ्र व्यवस्थापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित इस समस्या का समाधान होने से प्रभावित परिवारों को स्थायी राहत मिल सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा