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आमापारा वार्ड में 50 साल पुरानी जलभराव की समस्या से मिली राहत

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आमापारा वार्ड में 50 साल पुरानी जलभराव की समस्या से मिली राहत


आमापारा वार्ड में 50 साल पुरानी जलभराव की समस्या से मिली राहत


धमतरी, 05 जुलाई (हि.स.)। आमापारा सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए वर्षों से बरसात का मौसम परेशानी का कारण बनता था। तेज बारिश होते ही सड़कें पानी से लबालब भर जाती थीं और राहगीरों के साथ स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। करीब 50 वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। वार्ड में पानी जमा नहीं होने से वार्डवासियों को सालों बाद राहत मिली है।

लगातार लगभग 15 घंटे हुई बारिश के बावजूद आमापारा क्षेत्र में जलभराव की स्थिति नहीं बनी, वहीं बरसाती पानी भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से सीधे मकई तालाब तक पहुंचा, जिससे तालाब भी तेजी से भरने लगा। इस कार्य की शहरभर में सराहना हो रही है और सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा है।

जानकारी के अनुसार, वार्ड के पार्षद एवं नगर निगम के लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष विजय मोटवानी ने इस समस्या को मिशन के रूप में लेते हुए विशेषज्ञों की टीम के साथ सर्वे कराया। तत्कालीन कलेक्टर नम्रता गांधी के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत कर आवश्यक राशि स्वीकृत कराई गई। इसके बाद बालक चौक से मकई तालाब तक भूमिगत ह्यूम पाइप बिछाकर बरसाती पानी की निकासी और तालाब तक पहुंचाने की योजना को अमल में लाया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम पहली ही बड़ी बारिश में देखने को मिला।

नगर निगम के पूर्व पार्षद अमरचंद मिन्नी ने कहा कि वर्षों बाद आमापारा में जलभराव नहीं हुआ, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। आवागमन सुगम तरीके से रहा है। शहरवासी युगल साहू ने कहा कि जलभराव की समस्या खत्म होने से लोगों की आवाजाही अब सामान्य रूप से हो सकेगी। निकासी नाली जाम होने के कारण जलजमाव की स्थिति बनती है। व्यवसायी कमल पंजाबी ने बताया कि पहले बारिश के दौरान जलभराव से व्यापार प्रभावित होता था, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं बनेगी। उन्होंने निकासी नालियों की नियमित सफाई पर भी जोर दिया।

अन्य जलभराव प्रभावित वार्डों में भी लागू की जाएगी योजना: विजय मोटवानी

आमापारा वार्ड पार्षद एवं नगर निगम के लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष विजय मोटवानी ने कहा कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले ही इस समस्या के स्थायी समाधान का लक्ष्य तय किया गया था। सुनियोजित योजना, तकनीकी मानिटरिंग और सभी के सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम है कि पहली ही भारी बारिश में इसकी सफलता दिखाई दी। उन्होंने बताया कि इसी माडल को शहर के अन्य जलभराव प्रभावित वार्डों में भी लागू करने की योजना बनाई जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा