home page

आठ साल बाद भी 134 मकान अधूरे, PM आवास हितग्राहियों से होगी वसूली

 | 
आठ साल बाद भी 134 मकान अधूरे, PM आवास हितग्राहियों से होगी वसूली


रायगढ़, 10 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि मिलने के करीब आठ साल बाद भी मकान अधूरे छोड़ने वाले हितग्राहियों पर अब कार्रवाई की तैयारी है। नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने आज शनिवार काे समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के अधूरे आवासों पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

योजना के तहत निर्धारित समय-सीमा 30 सितंबर तक मकान पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद 134 आवास अब भी अधूरे हैं। ऐसे मामलों में आगे की राशि जारी नहीं करने और नियमानुसार वसूली की कार्रवाई करने की बात कही गई है।

समीक्षा बैठक में सामने आया कि समय-सीमा में आवास पूरा करने के निर्देशों के बाद 87 हितग्राहियों ने अपने मकान का निर्माण पूरा कर लिया है। वहीं, 134 हितग्राहियों के मकान अब भी अलग-अलग निर्माण स्तरों पर अधूरे हैं। योजना की स्वीकृति मिलने के लगभग आठ वर्ष बाद भी निर्माण पूरा नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अधूरे मकानों की स्थिति पर नजर डालें तो 45 आवास फाउंडेशन स्तर पर, 74 लिंटल स्तर पर और 15 रूफ स्तर पर अटके हुए हैं। शासन की निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद इन आवासों के लिए आगे की राशि जारी नहीं की जाएगी। आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग मकान निर्माण के लिए किया जाना चाहिए। राशि प्राप्त करने के बाद भी निर्माण नहीं कराने वाले हितग्राहियों के मामलों में नियमानुसार वसूली सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की प्रगति की भी समीक्षा की गई। नवीन स्वीकृति प्राप्त 504 हितग्राहियों के निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर आयुक्त ने असंतोष जताया। उन्होंने सभी संबंधित हितग्राहियों को एक सप्ताह के भीतर भवन अनुज्ञा प्राप्त कर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि स्वीकृति के बाद जरूरी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कराई जाएं और जिन आवासों में निर्माण शुरू हो चुका है, वहां काम की गति बढ़ाई जाए।

आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों की नियमित निगरानी करने और निर्माण में अनावश्यक देरी करने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। योजना का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को समय पर पक्का आवास उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुराने अधूरे आवासों में जवाबदेही तय करने के साथ नए स्वीकृत मकानों का निर्माण शीघ्र शुरू कराना जरूरी बताया गया।

नगर निगम की समीक्षा में एक ओर योजना 1.0 के अधूरे आवासों पर वसूली और कार्रवाई की तैयारी सामने आई, वहीं दूसरी ओर योजना 2.0 के हितग्राहियों को निर्माण शुरू करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अब संबंधित अधिकारियों की निगरानी में अधूरे आवासों की स्थिति और नए निर्माण की प्रगति पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान