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बलरामपुर : पहाड़ी कोरवा बच्ची रेंगची को मिला नया जीवन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हुई सफल हृदय सर्जरी

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बलरामपुर : पहाड़ी कोरवा बच्ची रेंगची को मिला नया जीवन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हुई सफल हृदय सर्जरी


बलरामपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की चार वर्षीय बच्ची रेंगची को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नया जीवन मिला है। विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम रजवाढोढ़ी निवासी रेंगची जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम ने समय पर उसकी पहचान कर आवश्यक जांच कराई और उपचार के लिए रायपुर रेफर किया। आज गुरुवार श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर में हुई सफल हृदय सर्जरी के बाद बच्ची स्वस्थ है और चिकित्सकीय निगरानी में है।

स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम ने रेंगची की बीमारी की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श के बाद उसे श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर भेजा था। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में 15 जुलाई को उसकी सफल हृदय सर्जरी की गई। ऑपरेशन सफल रहा और वर्तमान में बच्ची स्वस्थ है।

रेंगची के परिजनों ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इतने बड़े इलाज की कल्पना भी संभव नहीं थी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उन्हें निःशुल्क उपचार मिला, जिससे उनकी बच्ची को नया जीवन मिला। उन्होंने शासन, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से दूरस्थ और विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा रही हैं। कार्यक्रम के तहत बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाती है और उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में निशुल्क उपचार के लिए भेजा जाता है। इसी प्रयास से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।

जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब तक 88,268 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इनमें से 30 बच्चों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया, जबकि 26 बच्चों की विभिन्न प्रकार की निःशुल्क सर्जरी एवं विशेष उपचार सफलतापूर्वक कराए जा चुके हैं। इन प्रयासों से अनेक बच्चों को नया जीवन मिला है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय