शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू और एसीबी की अदालत ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की न्यायिक हिरासत 5 अगस्त तक बढ़ाई
रायपुर, 25 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपित कांग्रेस नेता एवं पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को आज ईओडब्ल्यू और एसीबी की अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें अदालत के निर्देश पर 5 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया ।भ्रष्टाचार और घोटालों से जुड़े इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश सुमित कपूर की अदालत में की जा रही है।
शनिवार को रायपुर की अदालत में पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गिरीश देवांगन सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने उनके जेल जाने से पहले उनसे विशेष मुलाकात की। बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कहा कि राजनीतिक लाभ लेने और पार्टी को बदनाम करने के उद्देश्य से सरकार केंद्रीय व राज्य की जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
ईओडब्ल्यू और एसीबी ईडी के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल पर शराब घोटाले, कोल लेवी (कोयला लेवी) और कस्टम मिलिंग से जुटाए गए अवैध पैसों को ठिकाने लगाने (मनी लॉन्ड्रिंग) में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि कोयला घोटाले से जुड़े 52 करोड़ रुपये के ट्रांसफर में देवेंद्र डड़सेना की भूमिका रही है। रामगोपाल अग्रवाल और देवेंद्र डड़सेना से करीब तीन घंटे तक संयुक्त पूछताछ की गई थी, लेकिन रामगोपाल किसी भी तरह की राशि के ट्रांसफर से इनकार किए। जांच एजेंसी का दावा है कि रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से कोयला, शराब और कस्टम मिलिंग घोटालों से जुड़े करीब 800 करोड़ रुपये इधर-उधर ट्रांसफर किए गए। हालांकि रामगोपाल अग्रवाल इन सभी आरोपों को खारिज किए थे।
कोयला घोटाला मामले में रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद ईओडब्ल्यू-एसीबी ने उन्हें शराब घोटाला मामले में भी गिरफ्तार किया है। इस मामले में वे न्यायिक रिमांड पर थे। आज रिमांड खत्म होने पर रामगोपाल को अदालत में पेश किया गया, जहां 5 अगस्त तक रिमांड बढ़ा दी गई है। बता दें कि रविवार को जांच एजेंसी रामगोपाल अग्रवाल को सेंट्रल जेल ले गई थी, जहां शराब घोटाला मामले के मुख्य आरोपित अनवर ढेबर के सामने बैठाकर पूछताछ की थी। जांच एजेंसी का दावा है कि शराब कारोबार में करीब 3,400 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।
रामगोपाल अग्रवाल पिछले करीब तीन सालों से फरार चल रहे थे। उन्होंने 8 जुलाई, 2026 को ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया था।अग्रवाल पर छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले, कोयला लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में अवैध पैसों की हेराफेरी (मनी लॉन्ड्रिंग) और वित्तीय लेन-देन को सुविधाजनक बनाने के गंभीर आरोप हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

