श्रीजगन्नाथ मंदिर में बहन सुभद्रा की ओर से भ्राता बलभद्र व श्रीजगन्नाथ काे अर्पित किया रक्षासूत्र
जगदलपुर, 28 अगस्त (हि.स.)। श्रीजगन्नाथ मंदिर में आज श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का विधान रियासतकालीन परंपरानुसार श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आज शुक्रवार प्रातः काल 6:55 बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर के पुजारीगण द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना एवं वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ रक्षासूत्र अर्पित किया गया। इसके पश्चात भगवान को बालभोग अर्पित किया गया।
श्रीजगन्नाथ मंदिर के पंडित सुभाशु पाढ़ी ने बताया कि इस पावन अवसर पर श्रीजगन्नाथ मंदिर के पुजारियाें द्वारा परंपरानुसार बहन सुभद्रा की ओर से भ्राता बलभद्र एवं महाप्रभु श्रीजगन्नाथ स्वामी काे रक्षासूत्र अर्पित कर रियासत कालीन पंरंपरा का निर्वहन किया गया।
श्रीजगन्नाथ मंदिर के पंडित सुभाशु पाढ़ी ने बताया कि श्रीजगन्नाथ पुरी धाम में महाप्रभु को पवित्र 'खंडुआ' वस्त्र अर्पित करने और उन्हें कलावा (रक्षा सूत्र) के स्वरूप में तैयार करने की प्राचीन परंपरा है, जिसे विशेष अवसरों और पर्वों पर सेवादाराें द्वारा निभाया जाता है। रक्षाबंधन या अन्य विशेष धार्मिक पर्वों पर महाप्रभु श्रीजगन्नाथ स्वामी को रेशमी और पारंपरिक बंधेज कला वाले पवित्र वस्त्रों से जुड़े रक्षा सूत्र अर्पित किए जाते हैं, जो अटूट आस्था और सुरक्षा का प्रतीक हैं। इन पवित्र वस्त्रों के धागों या अंशों को कलावा (रक्षा सूत्र) के रूप में भी अनुष्ठानिक तौर पर तैयार किया जाता है, जिसे महाप्रभु को समर्पित करने के बाद आशीर्वाद स्वरूप भक्तों को प्राप्त होता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

