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तीन हजार करोड़ रुपये के बजट वाले रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा के दौरान सभाकक्ष की छत से टपकता रहा पानी

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तीन हजार करोड़ रुपये के बजट वाले रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा के दौरान सभाकक्ष की छत से टपकता रहा पानी


रायपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा की बुलाई गई सामान्य सभा की सोमवार की बैठक में आज भारी हंगामा हुआ। बैठक के दौरान ही खुद निगम मुख्यालय (व्हाइट हाउस) के सभाकक्ष की छत से पानी टपकने लगा। उल्लेखनीय है रायपुर नगर निगम का 3000 करोड़ रुपये का बड़ा बजट है।

नगर निगम की विशेष सामान्य सभा की बैठक में शहर में पहली बारिश के बाद हुए जलभराव का मुद्दा प्रमुखता से उठा। पार्षदों ने नहर-नालों की समय पर सफाई नहीं होने पर सवाल उठाए। कई इलाकों में इस बार पहली बार जलभराव की स्थिति देखने को मिली।

रायपुर शहर में पिछले दो दिनों में हुई पहली ही भारी बारिश के बाद हुए भीषण जलभराव और चरमराई व्यवस्था को लेकर बुलाई गई इस बैठक में पार्षदों और विपक्ष ने जमकर हंगामा मचाया। जब सदन में शहर के नालों और जलभराव पर चर्चा चल रही थी, उसी समय सभाकक्ष की छत से पानी टपकने लगा, जिसके नीचे अधिकारियों को आनन-फानन में गमले और डस्टबिन रखने पड़े। विपक्ष के नेता आकाश तिवारी अखबारों की कतरनों से बनी अनोखी लाइफ जैकेट पहनकर सदन पहुंचे और शहर की अव्यवस्था पर तंज कसते हुए 'ट्रिपल इंजन' सरकार को पूरी तरह फेल बताया।भाजपा पार्षद ने स्वप्निल मिश्रा अधिकारियों को चोर कहा। उन्होंने कहा कि जोन अधिकारी ना तो काम कर रहे हैं, ना सहयोग कर रहे हैं।चोर कहने पर सभापति ने टोकते हुए शब्दों का सही चयन करने को । वहीं, भुगतान नहीं मिलने से नाराज ठेकेदारों ने निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 'निगम कमिश्नर हाय-हाय' के नारे लगाए।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर के कई बड़े नहर-नालों पर अवैध निर्माण और कंक्रीट स्लैब बनने से उनकी चौड़ाई बेहद कम हो गई है। मानसून से पहले नालों की ठीक से डी-सिल्टिंग (गाद सफाई) नहीं की गई, जिससे पहली ही बारिश में पानी सड़कों और घरों में घुस गया।

शहर की जलभराव, सफाई व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए नगर निगम आयुक्त को एक हफ्ते का कड़ा अल्टीमेटम दिया गया है।अधिकारियों की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने के लिए वर्किंग प्लान बनाने कहा गया। साथ ही महापौर नेता प्रतिपक्ष के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं।अधिकारियों पर नाराज़गी जताते हुए महापौर ने कहा कि पार्षदों को लगातार विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से यह बैठक बुलाई गई है, ताकि अधिकारी समझ सकें कि जनप्रतिनिधियों को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और उनका समाधान समय पर किया जा सके।

शहर में जलभराव को लेकर महापौर ने कहा कि शहर का तेजी से कंक्रीटीकरण हुआ है और जगह-जगह मकान बन गए हैं। ऐसे में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नक्शे पास करते समय नियमों का सख्ती से पालन करे। उन्होंने कहा कि दूसरे विभागों की बनाई सड़कों के कारण भी कई स्थानों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।

बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नगर निगम मुख्यालय की टपकती छत पर महापौर ने कहा कि अचानक हुई तेज बारिश के कारण कुछ दिक्कतें सामने आई हैं। जो भी समस्याएं हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा।

ज्ञात हो कि नालों की सफाई के लिए निगम ने 2026-27 के बजट में करीब 3 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह राशि पिछले साल के लगभग 2 हजार करोड़ रुपये के बजट की तुलना में काफी ज्यादा है।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा