नशे में गाड़ी चलाने वालों पर रायपुर पुलिस का शिकंजा, 4082 मामलों में कार्रवाई; 2597 लाइसेंस सस्पेंड
रायपुर, 15 अक्टूबर (हि. स.)। शराब पीकर वाहन चलाना अब वाहन चालकों को भारी पड़ सकता है। सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।
वर्ष 2026 में अब तक नशे में वाहन चलाने के 4082 मामलों में वैधानिक कार्रवाई की गई है। वहीं, 2597 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।
यातायात पुलिस की यह कार्रवाई उन वाहन चालकों के लिए कड़ा संदेश है, जो शराब के नशे में सड़क पर निकलकर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं। पुलिस का कहना है कि, नशे में वाहन चलाने से चालक का नियंत्रण और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे गंभीर सड़क हादसों की आशंका बढ़ जाती है। पुलिस ने वर्षभर चलाए जा रहे जांच अभियान के तहत अब तक ड्रंक एंड ड्राइव के 4082 प्रकरणों में कार्रवाई की है। इनमें से 2597 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित करने के लिए परिवहन विभाग को मामले भेजे गए थे। परिवहन विभाग ने सभी प्रकरणों पर कार्रवाई करते हुए संबंधित चालकों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
पुलिस अब नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ केवल मौके पर कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की प्रक्रिया भी सुनिश्चित कर रही है। इसका उद्देश्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अंकुश लगाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।
यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने वाहन चालकों से शराब पीने के बाद वाहन नहीं चलाने की अपील की है। पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने की सलाह दी है। साथ ही परिवार और परिचितों को भी नशे में वाहन चलाने से रोकने के लिए जागरूक करने की बात कही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि, ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। यातायात नियमों का पालन करना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों के जीवन की सुरक्षा का भी सवाल है।
हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

