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रायपुर जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, एक मई से घरों की गिनती

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रायपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसके तहत 1 मई 2026 से घरों की गिनती (मकान सूचीकरण और मैपिंग) शुरू की जाएगी। यह भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। जिसमें डेटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप और जियो-मैपिंग तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।

पहला चरण मई - सितंबर 2026 से शुरू हो रहा है इसमें मकानों की सूची तैयार की जाएगी और घर-घर जाकर 33 बुनियादी सवाल पूछे जाएंगे। मई महीने से मकान सूचीकरण का काम शुरू होगा। इसमें भवन, उसमें मौजूद मकानों की संख्या और उनका उपयोग—आवासीय या कार्यालय—की जानकारी दर्ज की जाएगी। प्रत्येक 180 से 200 भवनों पर एक प्रगणक नियुक्त किया जाएगा। प्रगणक घरों की संख्या, आवास की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेगा। साथ ही सामान्य परिवार, संस्थागत परिवार और बेघर परिवारों की भी गणना की जाएगी। इसी को देखते हुए नगर निगम ने अभी से शहर में मकानों की नंबरिंग शुरू कर दी है। दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा जिसमें इस चरण में जनसंख्या की वास्तविक गिनती की जाएगी। रायपुर में घरों की गिनती के लिए लगभग 5,700 कर्मियों को तैनात किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार पहले जिले की ऑनलाइन मैपिंग की जाएगी। सभी एरिया को कोर सेक्टरों में बांटा जाएगा। कोर सेक्टरों के अनुसार ही पहले घरों की गणना की जाएगी। 1 मई से इसी लिस्ट को लेकर जनगणना में लगे कर्मचारी लोगों के घरों में जाएंगे। इसके पहले 16 अप्रैल 2026 से जनगणना की वेबसाइट se.census.gov.in में नागरिक अपनी ऑनलाइन जानकारी अपलोड कर सकते हैं। जानकारी का सत्यापन कर्मचारी 1 मई से घरों में आकर करेंगे।

छत्तीसगढ़ में जनगणना के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग का काम शुरू किया जाएगा। इसके तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम शुरू किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से दो बड़े काम होंगे। छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए 16 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप खुलेगा। इसके बाद लोग खुद अपनी और अपने घर की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकेंगे। इसके लिए ओटीपी आधारित वेरिफिकेशन भी होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा