अब दलहन में आत्मनिर्भर बनेगा धमतरी, लोहरसी से मजबूत शुरुआत
धमतरी, 06 अप्रैल (हि.स.)।धमतरी जिले में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो चुकी है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत ग्राम लोहरसी में किसानों को उड़द बीज का वितरण किया गया तथा उन्हें उन्नत खेती के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया गया। इस पहल से किसानों में नई उम्मीद जगी है और आधुनिक खेती की ओर उनका रुझान बढ़ रहा है।
दलहन केवल एक फसल नहीं, बल्कि देश की पोषण सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम आधार है। भारत दुनिया में दालों का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और आयातक है, ऐसे में उत्पादन बढ़ाना समय की जरूरत बन गया है। राष्ट्रीय पोषण संस्थान के अनुसार भारतीय आहार में प्रोटीन की कुल मात्रा में दालों का योगदान लगभग 20 से 25 प्रतिशत है, बावजूद इसके प्रति व्यक्ति खपत अनुशंसित स्तर से कम है, जिससे कुपोषण जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को लागू किया है। 11 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिशन का शुभारंभ किया था। करीब 11,440 करोड़ रुपये की लागत से संचालित यह मिशन 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगा, जिसका उद्देश्य दलहन उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
जिले में शुरू हुई यह पहल न केवल किसानों को उन्नत बीज और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह योजनाबद्ध तरीके से प्रयास जारी रहे, तो आने वाले समय में धमतरी दलहन उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

