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वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 25, गंभीर रूप से झुलसे एक और मजदूर ने तोड़ा दम

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वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 25, गंभीर रूप से झुलसे एक और मजदूर ने तोड़ा दम


सक्ती, 24 अप्रैल (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे पश्चिम बंगाल निवासी मजदूर विश्वजीत साहू की आज शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 25 पहुंच गया है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, हादसे में झुलसे विश्वजीत साहू का इलाज रायपुर के श्री शंकरा हॉस्पिटल में चल रहा था, जहां उन्हें अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा गया था। इलाज के दौरान अचानक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

गौरतलब है कि 14 अप्रैल को सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में बायलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा हो जाने से दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था। दबाव बढ़ने के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जहां कई मजदूरों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल सहित कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

वेदांता पावर प्लांट हादसे की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर संभाग के आयुक्त को उच्चस्तरीय जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।यदि कोई व्यक्ति इस दुर्घटना से जुड़े तथ्य, दस्तावेज या महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह 29 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक, आयुक्त कार्यालय, बिलासपुर संभाग में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है।

बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन ने कहा है कि इस जांच का उद्देश्य दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना, दोषियों की जिम्मेदारी तय करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करना है।

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT