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कोरबा में बिजली कर्मियों की हड़ताल से पहले सरकार की पहल, 17 अगस्त की कामबंद हड़ताल को लेकर हुई अहम बैठक

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कोरबा में बिजली कर्मियों की हड़ताल से पहले सरकार की पहल, 17 अगस्त की कामबंद हड़ताल को लेकर हुई अहम बैठक


कोरबा, 07 अगस्त (हि. स.)। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ की 17 अगस्त से प्रस्तावित कामबंद हड़ताल को लेकर सरकार और बिजली कंपनी प्रबंधन सक्रिय हो गया है। हड़ताल से पहले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव/ऊर्जा सचिव एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के चेयरमैन सुबोध सिंह ने 6 अगस्त को महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में आमंत्रित किया।

बैठक में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के नेतृत्व में महासंघ के पदाधिकारियों ने बिजली कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर चेयरमैन के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान पुरानी पेंशन योजना की बहाली, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, रिक्त पदों पर नई भर्ती सहित अन्य कर्मचारी हित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई।

बैठक में बिजली कंपनी में वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने के मुद्दे पर महासंघ ने अपने तर्क प्रस्तुत किए। चर्चा के बाद चेयरमैन ने इस मामले को आवश्यक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने और राज्य शासन से अनुमोदन प्राप्त कर लागू करने की दिशा में कार्रवाई करने की बात कही। संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव जल्द राज्य शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं पॉवर कंपनी में लंबे समय से रिक्त पदों पर नई भर्ती की मांग पर भी चर्चा हुई। महासंघ की मांग को स्वीकार करते हुए सभी कैडरों के विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए अनुमोदन दे दिया गया है। जल्द ही भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए जाने की संभावना है।

संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर महासंघ ने कंपनी में कर्मचारियों की कमी के कारण बढ़ रही दुर्घटनाओं और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी। इस पर चेयरमैन ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा संविदा नियमितीकरण को लेकर जारी आदेशों और अन्य वैधानिक प्रावधानों का परीक्षण कर छत्तीसगढ़ में भी आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

बैठक में पॉवर कंपनी के उत्पादन क्षेत्र के कोल ब्लॉक घरघोड़ा में कार्यरत कर्मचारियों को सीएमपीएफ के दायरे में लाने की मांग को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए जल्द आदेश जारी करने की बात कही गई। इसके अलावा उत्पादन क्षेत्र में नवनियुक्त संविदा कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य भत्तों और हितलाभ को लेकर भी चर्चा हुई, जिस पर कंपनी स्तर पर परीक्षण कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया।

महासंघ की अन्य मांगों पर भविष्य में अलग से बैठक आयोजित कर चर्चा करने पर सहमति बनी। बैठक में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल, महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष तेज प्रताप सिन्हा, महामंत्री नवरतन बरेठ, कोषाध्यक्ष कोमल देवांगन और कार्यालय मंत्री चेतनानंद दुबे मौजूद रहे। 17 अगस्त से प्रस्तावित बिजली कर्मचारियों की कामबंद हड़ताल के बीच हुई इस बैठक को कर्मचारी संगठनों और पॉवर कंपनी प्रबंधन के बीच समाधान की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी