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धरमजयगढ़ : प्रसव पीड़ा से जूझती महिला को खाट पर नदी पार कराकर अस्पताल पहुंचाया

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धरमजयगढ़ : प्रसव पीड़ा से जूझती महिला को खाट पर नदी पार कराकर अस्पताल पहुंचाया


रायगढ़, 21 सितंबर (हि.स.)। जिले के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को सामने लाने वाली एक घटना धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत पेलमा के आश्रित मोहल्ला दर्रापारा से सामने आई है। बीती देर रात एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने पर ग्रामीण महिला को खाट समेत नदी पार कराकर स्वास्थ्य केंद्र तक ले गए।

जानकारी के मुताबिक दर्रापारा निवासी गर्भवती महिला को रात में अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाना जरूरी था। लेकिन मोहल्ले तक पक्की सड़क नहीं होने और रास्ते में नदी पड़ने के कारण सामान्य वाहन से महिला को अस्पताल तक ले जाना संभव नहीं था।

महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने खाट की व्यवस्था की। उसे खाट पर लिटाकर कई ग्रामीणों ने अपने कंधों पर उठाया और दुर्गम रास्ते से होते हुए नदी तक पहुंचे। इसके बाद ग्रामीण खाट सहित नदी पार कराते हुए महिला को पेलमा की मुख्य बस्ती स्थित स्वास्थ्य केंद्र तक ले गए। बताया गया कि दर्रापारा से स्वास्थ्य केंद्र की दूरी करीब दो किलोमीटर है।

काफी मशक्कत के बाद महिला को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल उपचार शुरू किया। राहत की बात यह रही कि महिला का सुरक्षित प्रसव हुआ और जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित बताए गए हैं।

सड़क और पुल की सुविधा को लेकर उठे सवाल

इस घटना ने दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। किसी गर्भवती महिला, बुजुर्ग या गंभीर मरीज को अचानक अस्पताल ले जाने की स्थिति में ऐसे इलाकों में ग्रामीणों के सामने परिवहन की बड़ी चुनौती सामने आती है।

दर्रापारा की घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्र में सड़क और नदी पर पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों के लिए सवाल यह है कि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए कब तक पारंपरिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान