कोरबा प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण समारोह में सियासी तकरार
कोरबा, 23 जुलाई (हि. स.)। कोरबा प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में गुरुवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने अपने संबोधन के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर सवाल उठा दिए। पत्रकारों के सम्मान और नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण के लिए आयोजित कार्यक्रम कुछ ही देर में सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी का मंच बन गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं कोरबा के प्रभारी मंत्री अरुण साव मौजूद थे। उनके साथ उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री तथा स्थानीय विधायक लखनलाल देवांगन, महापौर संजूदेवी राजपूत और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी मंच पर उपस्थित थे। सभी प्रमुख नेताओं की मौजूदगी के कारण कार्यक्रम की शुरुआत से ही राजनीतिक चर्चाओं का माहौल बना हुआ था।
अपने संबोधन की शुरुआत में जयसिंह अग्रवाल ने प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने सीधे प्रदेश सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव लंबे समय बाद कोरबा आए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी औपचारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय वे जिले के विभिन्न क्षेत्रों—कोरबा शहर, कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, कटघोरा और बालको—का दौरा करें, ताकि जमीनी स्तर पर विकास की वास्तविक स्थिति देख सकें।
जयसिंह अग्रवाल ने अपने भाषण में महापौर संजूदेवी राजपूत के 16 महीने के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इतने कम समय में उनके कामकाज का मूल्यांकन करना उचित नहीं होगा। हालांकि, इसी दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अपनी ढाई साल की सिर्फ ढाई उपलब्धियां ही बता दे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है तो उस पर सार्वजनिक मंच पर खुली बहस होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार के किसी भी मंत्री को कोरबा के विकास कार्यों पर सार्वजनिक चर्चा की चुनौती देते हुए कहा कि जनता के सामने विकास के दावों की सच्चाई रखी जानी चाहिए।
पूर्व मंत्री ने कांग्रेस शासनकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान यदि किसी अधिकारी ने गड़बड़ी की, तो उसका भी खुले मंच से विरोध किया गया और गलत कार्यों का समर्थन नहीं किया गया। उनके इस बयान के बाद समारोह में मौजूद लोगों के बीच राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
जयसिंह अग्रवाल के बयान के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन और बाद में मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री को वर्तमान सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल का आत्ममंथन करना चाहिए।
अरुण साव ने कहा कि प्रदेश में पांच वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रही और कोरबा नगर निगम में भी महापौर कांग्रेस का था, लेकिन जनता ने चुनाव में उनके कार्यों का जवाब दे दिया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान भाजपा सरकार पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाया जा रहा है।
प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण समारोह में शुरू हुई यह राजनीतिक नोकझोंक अब जिले की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। कांग्रेस जहां प्रदेश सरकार के विकास दावों को चुनौती दे रही है, वहीं भाजपा चुनावी जनादेश और अपने विकास कार्यों का हवाला देकर जवाबी हमला कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा कोरबा की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

