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टूटी झोपड़ी से पक्के मकान तक पहुंचा सीताराम का परिवार

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टूटी झोपड़ी से पक्के मकान तक पहुंचा सीताराम का परिवार


आत्मसमर्पण के बाद मुख्यधारा से जुड़े सीताराम को मिला ‘आत्मसमर्पित आवास’ का लाभ, चावल, आयुष्मान और महतारी वंदन योजना से भी जुड़े

बलरामपुर, 18 सितंबर (हि.स.)। बलरामपुर विकासखंड के ग्राम गम्हरिया में सीताराम सोनवानी के परिवार के लिए पक्का मकान मिलने के बाद रहने की परिस्थितियां बदल गई हैं। ग्राम पंचायत बादा के आश्रित ग्राम गम्हरिया निवासी सीताराम आत्मसमर्पण के बाद मुख्यधारा से जुड़े और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की विशेष परियोजना ‘आत्मसमर्पित आवास’ के तहत उन्हें आवास का लाभ मिला। हाल ही में उन्होंने दो कमरों का पक्का मकान पूरा किया है।

सीताराम सोनवानी ने बताया कि पहले उनका परिवार मिट्टी की दीवार और कच्ची छत वाले छोटे मकान में रहता था। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के कारण परिवार को काफी परेशानी होती थी। आवास योजना की किश्त राशि मिलने के बाद उन्होंने पक्का मकान तैयार कराया। अब परिवार को बारिश और मौसम से जुड़ी परेशानियों से राहत मिली है।

पक्के मकान के साथ सीताराम के परिवार को अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है। परिवार को प्रतिमाह निशुल्क चावल मिल रहा है। इसके अलावा आयुष्मान योजना और महतारी वंदन योजना से भी परिवार जुड़ा है। अलग-अलग योजनाओं का लाभ मिलने से परिवार को आवास के साथ खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का भी सहारा मिला है।

जनपद पंचायत बलरामपुर के माध्यम से ‘आत्मसमर्पित आवास’ परियोजना के तहत यह आवास स्वीकृत किया गया था। योजना के माध्यम से आत्मसमर्पण के बाद मुख्यधारा से जुड़ने वाले पात्र लोगों को आवास सहित अन्य शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रावधान है।

सीताराम सोनवानी ने बताया कि पक्का मकान उनके परिवार के लिए सुरक्षा और बेहतर जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है। उन्होंने आवास का लाभ मिलने पर शासन के प्रति आभार जताया। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रशासन की ओर से विभिन्न योजनाओं से पात्र परिवारों को जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय