धान में कीट-रोग का खतरा, कृषि विभाग ने जारी की सामयिक सलाह
धमतरी, 24 सितंबर (हि.स.)। लगातार बारिश और वातावरण में बढ़ी नमी के बीच धान की फसल में कीट एवं रोग प्रकोप की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए सामयिक सलाह जारी की है।
जिले में खरीफ वर्ष 2026 में करीब 1.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल ली गई है। वर्तमान में अधिकांश क्षेत्रों में फसल कंसे निकलने से लेकर बालियां आने की अवस्था में है। कृषि विभाग ने किसानों से प्रतिदिन खेत का निरीक्षण करने और कीट या रोग का प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर से अधिक दिखाई देने पर कृषि विभाग के मैदानी अमले अथवा कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से नियंत्रण उपाय अपनाने कहा है। तना छेदक, भूरा फुदका, पत्ता लपेटक और पेनिकल माइट जैसे कीटों के साथ ब्लास्ट एवं जीवाणु पत्ता झुलसा जैसे रोगों से बचाव के लिए विभाग ने अनुशंसित दवाओं के उपयोग की सलाह दी है।
भूरा फुदका की स्थिति में खेत से अतिरिक्त पानी निकालने तथा अनुशंसित कीटनाशक के छिड़काव की सलाह दी गई है। ब्लास्ट रोग में पत्तियों पर आंख के आकार के धब्बे तथा बाली के गले में काले धब्बे दिखाई देने पर नियंत्रण उपाय अपनाने कहा गया है। विभाग ने कीटनाशक और फूंदनाशक का छिड़काव सुबह या शाम करने, निर्धारित मात्रा का ही उपयोग करने तथा दवाओं के पैकेट पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। किसी भी दवा का प्रयोग कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या कृषि वैज्ञानिक की सलाह से करने कहा गया है। अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क किया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

