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खतरा मोल लेकर बाढ़ से बाइक पार करा रहे लोग, सालों से नहीं बना पुल

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खतरा मोल लेकर बाढ़ से बाइक पार करा रहे लोग, सालों से नहीं बना पुल


खतरा मोल लेकर बाढ़ से बाइक पार करा रहे लोग, सालों से नहीं बना पुल


धमतरी, 14 सितंबर (हि.स.)। इस साल लगातार हो रही बारिश से वनांचल के नदी-नालों में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। इसके चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। नगरी ब्लाक के वनांचल क्षेत्रों में अभी भी पुल-पुलिया की कमी बनी हुई है, इसका खामियाजा ग्रामीण व विद्यार्थी भुगत रहे हैं। कोई बाढ़ से बाइक पार करा रहे हैं, तो कोई मरीज को खाट से पुल पार कराकर अस्पताल पहुंचा रहा है, इस मुसीबतों से ग्रामीणों की जिंदगी सालों से हलाकान है, लेकिन सरकार उनके क्षेत्रों में पुल-पुलिया निर्माण को लेकर गंभीर नहीं है। लोग पुल की मांग लगातार कर रहे हैं।

भादो माह में हो रही तेज बारिश के चलते इन दिनों नगरी ब्लाक के कई नदी-नालों व पुल-पुलिया में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे ग्रामीण परेशान है। जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। रिसगांव के सरपंच बीरबल पदमाकर, चंद्रकुमार अग्रवानी , रेवा देवदास, संतराम नेताम ने बताया कि इन दिनों बारिश के चलते रिसगांव से ब्लाक मुख्यालय जाने सोंढूर नदी पार करना पड़ता है, जहां पुल नहीं बना है। पुल नहीं होने के कारण यहां नदी पर बाढ़ है, ऐसे में बाइक को तीन फीट नदी के पानी में अपनी जान जोखिम में डालकर बाईक पार कराते हैं, तब जाकर वे ब्लाक मुख्यालय नगरी पहुंचते हैं। बाढ़ से बाइक पार कराने के लिए ग्रामीणों को प्रति बाइक 100 रुपये खर्च करना पड़ता है, नहीं तो मात्र 35 किलोमीटर की दूरी को तय करने गरियाबंद जिला होकर 80 किलोमीटर का सफर करना पड़ेगा। कई बार तो ग्रामीणों को बाढ़ की वजह से गरियाबंद जिले में रिश्तेदारों के घर शरण लेना पड़ता है। रिसगांव मार्ग में ही रविवार को संदबहारा के किसान किसी कार्य को लेकर अपनी ट्रेक्टर लेकर जा रहा था, तभी आमाकडा नदी में बाढ़ के चलते ट्रेक्टर-ट्राली धस गई। जिसे निकालने किसान को सुबह से शाम हो गई। ऐसे में किसान का ट्रेक्टर फंसा रहा।

जिलाध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस मनोज साक्षी ने कहा कि, वनांचल क्षेत्र के पुल-पुलिया व रपटा वर्तमान में अधिक बारिश से ऊफान पर है। बाढ़ की स्थिति है, जबकि क्षेत्र के इन जगहों पर शासन-प्रशासन से ग्रामीण लंबे समय से पुल व पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को लेकर शासन गंभीर नहीं है, इसका खामियाजा ग्रामीण सालों से भुगत रहे हैं। मनोज साक्षी ने शासन-प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वनांचल क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां नदी नालों में पुल के अभाव के चलते क्षेत्र में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। उपचार के लिए पुल के अभाव में खाट पर ले जाना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को शिक्षा ग्रहण के लिए नाला पार करना पड़ रहा है, जो उचित नहीं है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा