कोरबा : पहली बार धान विक्रय करने वाले कृषक कंवर का अनुभव रहा अत्यंत सुखद
कोरबा, 21 जनवरी (हि.स.)। राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में लागू की जा रही सुशासन आधारित योजनाएं अब धरातल पर ठोस परिणाम देने लगी हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीद की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुगम और भरोसेमंद बनाया है।इसी क्रम में ग्राम दोंदरो निवासी कृषक बाबू सिंह कंवर का धान विक्रय का पहला अनुभव उल्लेखनीय रहा।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से की जा रही धान खरीद ने किसानों के बीच विश्वास का वातावरण तैयार किया है। इसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर रहे हैं। सरकार द्वारा सर्वाधिक समर्थन मूल्य प्रदान किए जाने से कृषि कार्य को आर्थिक संबल मिला है और अन्नदाताओं का उत्साह बढ़ा है। सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते खरीद केंद्रों पर किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं देखी जा रही है।ग्राम दोंदरो निवासी कृषक बाबू सिंह कंवर का धान विक्रय का पहला अनुभव उल्लेखनीय रहा। लगभग 16 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले श्री कंवर ने इस वर्ष पहली बार उपार्जन केंद्र सोनपुरी में 65 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया सरल और सुचारू रही तथा तौल से भुगतान तक किसी भी स्तर पर कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा।
श्री कंवर ने कहा कि उपार्जन केंद्र पर कर्मचारियों द्वारा समुचित सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे उनका अनुभव संतोषजनक रहा। उन्होंने कहा कि सर्वाधिक समर्थन मूल्य मिलने से किसानों को उनकी मेहनत का सही प्रतिफल प्राप्त हो रहा है और वे भविष्य को लेकर आश्वस्त महसूस कर रहे हैं।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी नीतियों, पारदर्शी खरीद व्यवस्था और सुगम प्रक्रिया ने छत्तीसगढ़ के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नया विश्वास पैदा किया है। सरकार की यह पहल प्रदेश में समृद्ध और सशक्त कृषि व्यवस्था की मजबूत आधारशिला सिद्ध हो रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

