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धान की फसल पककर तैयार, सप्ताहभर बाद शुरू हो सकती है कटाई

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धान की फसल पककर तैयार, सप्ताहभर बाद शुरू हो सकती है कटाई


धमतरी, 05 अक्टूबर (हि.स.)। खरीफ फसल की बुआई और रोपाई करने वाले किसानों की मेहनत अब रंग लाने लगी है। डाही क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में धान की फसल तेजी से पकने लगी है। खेतों में लहलहा रहे धान के पौधों में बालियां निकल आई हैं और कई खेतों में फसल पककर कटाई के लिए तैयार हो चुकी है।

सिंचाई सुविधा वाले किसानों ने जिन खेतों में समय से पहले धान की रोपाई की थी, वहां फसल लगभग तैयार है और मौसम अनुकूल रहा तो सप्ताहभर के भीतर कटाई शुरू होने की संभावना है।

किसानों के अनुसार अधिकांश खेतों में आईआर-64, 1001, सांभा और महेंद्र गोल्ड जैसी जल्दी तैयार होने वाली धान की किस्मों की रोपाई की गई है। डाही के अलावा डांडेसरा, छाती, सेमरा, सेनचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, कसही, अंगारा, खम्हरिया, जुनवानी, डोमा, गुजरा, कोसमर्रा, भखारा, दावा, कुर्रा, रीवांगहन, दरगहन, हंचलपुर, कोपेडीह, पचपेड़ी, देमार, सांबलपुर, भोथली, सांकरा, पीपरछेड़ी, गागरा, कंडेल सहित अन्य गांवों में सिंचाई सुविधा संपन्न किसानों की फसल तेजी से पक रही है। हालांकि तैयार होती फसल पर कीट-व्याधियों का खतरा भी बढ़ गया है।

ग्राम बोड़रा के किसान महेश पाल ने बताया कि हाल में हुई बारिश के बाद धान की फसल में पत्ती मोड़क, बंकी, तना छेदक और भूरा माहू का प्रकोप दिखाई दे रहा है। मौसम खुलने के बाद पौधों को बढ़वार के लिए अनुकूल वातावरण मिल रहा है, जिससे फसल के जल्द पकने की उम्मीद है। ग्राम कसही के किसान गोपी ठाकुर ने बताया कि कीट-व्याधियों से फसल को बचाने के लिए किसान अंतिम प्रयास कर रहे हैं। यदि मौसम इसी तरह साफ रहा तो पखवाड़ेभर के भीतर कटाई शुरू हो सकती है। वहीं डाही निवासी सेवानिवृत्त प्रधानपाठक रामकुमार पटेल ने कहा कि कीट-व्याधियों के कारण फसल को नुकसान हो रहा है। इसका असर उत्पादन के साथ धान के बाजार भाव पर भी पड़ सकता है। किसानों की नजर अब मौसम और मंडी में मिलने वाले भाव पर टिकी है।

कृषि विज्ञान केंद्र संबलपुर के कीट वैज्ञानिक डा शक्ति वर्मा ने कहा कि तनाछेदक, पत्ती मोड़क, पेनिकल माइट, भूरा माहू और ब्लास्ट से बचाव के लिए खेतों की नियमित निगरानी जरूरी है। उन्होंने फसल की समस्या के अनुसार अनुशंसित दवाओं के छिड़काव की सलाह दी। राहत नहीं मिलने पर कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से संपर्क करने कहा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा