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भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते का विरोध, छत्तीसगढ़ किसान यूनियन ने सौंपा ज्ञापन

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भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते का विरोध, छत्तीसगढ़ किसान यूनियन ने सौंपा ज्ञापन


धमतरी, 09 मार्च (हि.स.)। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के विरोध में छत्तीसगढ़ किसान यूनियन जिला धमतरी (गैर राजनीतिक संगठन) ने सोमवार को कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर न करने तथा इसे तत्काल रोकने की मांग की।

ज्ञापन में किसानों ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते से देश के किसानों और भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। किसानों का आरोप है कि यह समझौता भारत की आत्मनिर्भरता और संप्रभुता के लिए खतरा साबित हो सकता है। किसान यूनियन ने कहा कि अंतरिम समझौते में जिन शर्तों की चर्चा सामने आई है, वे भारतीय किसानों के हित में नहीं हैं। पत्र में उल्लेख किया गया कि भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों पर 30 से 150 प्रतिशत तक लगने वाले शुल्क को शून्य करने पर सहमति जताई है, जबकि अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगभग 18 प्रतिशत शुल्क लगाने की बात कर रहा है, जो पहले के औसत से कई गुना अधिक है। इसे 50 प्रतिशत राहत बताना किसानों के अनुसार चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अमेरिका में किसानों को भारी सब्सिडी और आधुनिक तकनीक का लाभ मिलता है। वहां लगभग 18.65 लाख किसान हैं, जबकि भारत में किसान परिवारों की संख्या लगभग 11.10 करोड़ है। अमेरिका में प्रति किसान औसतन करीब 21 लाख 56 हजार रुपये के बराबर सब्सिडी मिलती है, जिससे वे कम लागत में उत्पादन कर पाते हैं। इसके विपरीत भारत के किसानों को सीमित सहायता ही मिलती है। किसानों ने आशंका जताई कि यदि विदेशी कृषि उत्पादों का शुल्क मुक्त आयात हुआ तो डेयरी, फल-सब्जी, कपास, गन्ना, मक्का, धान और गेहूं जैसे फसलों के उत्पादक किसानों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और फसलों के दाम गिरने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान यूनियन ने मांग की है कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को किसान हित में नहीं मानते हुए इसे तत्काल रद्द किया जाए।

इस दौरान छत्तीसगढ़ किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष घनाराम साहू, दीनदयाल, देवनारायण साहू, महावीर साहू, नारायन, रामविशाल, रामनिहोरा निषाद, सुदर्शन ठाकुर, महिपाल साहू, भुवन सिन्हा सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा