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स्मार्ट क्लास के नाम फूंके एक करोड़, अंदरूनी इलाको के बच्चे झोपड़ी में पढ़ने को मजबूर - उमाशंकर शुक्ला

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स्मार्ट क्लास के नाम फूंके एक करोड़, अंदरूनी इलाको के बच्चे झोपड़ी में पढ़ने को मजबूर - उमाशंकर शुक्ला


कांकेर, 01 सितंबर । छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने बताया कि जिले के दूरस्थ आदिवासी इलाकों में बच्चे आज भी बांस और झोपड़ीनुमा कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। लेकिन वित्तीय वर्ष 2024-25 में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल के कार्यकाल के दौरान पीएमश्री आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए करीब एक करोड़ रुपये के उपकरणों की खरीद की गई है।

उन्हाेने बताया कि जिले के मुख्यालय और शहरी क्षेत्रों के आस-पास कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दाैरान खाेले गये आत्मानंद स्कूलों को पीएमश्री आत्मानंद स्कूल के नाम पर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के उद्देश्य से स्मार्ट क्लास के लिए लगभग आठ लाख रुपये कीमत के 98 इंच के सोलिटेयर इंटरैक्टिव पैनल विद ओपीएस आई 5 उपकरण खरीदे गए। ऐसे करीब 10 उपकरण खरीदे गए हैं।

उन्हाेने बताया कि कांकेर जिले के विभिन्न ब्लाकों के सुदूर क्षेत्रों के कई स्कूल अब भी बुनियादी भवन जैसी सुविधा से वंचित हैं। जिन क्षेत्रों में बच्चे बांस और झोपड़ीनुमा कमरों में पढ़ाई कर रहे हैं, वहां सबसे पहले सुरक्षित और पक्के भवन की आवश्यकता है। सवाल यह उठ रहा है कि जब एक स्मार्ट क्लास उपकरण पर करीब 8 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तब उसी राशि से बुनियादी ढांचे में सुधार कर बच्चों के लिए बेहतर कक्ष निर्माण की दिशा में भी काम किया जा सकता था। ऐसे में आधुनिक शिक्षा उपकरणों पर खर्च और दूरस्थ क्षेत्रों में जर्जर अथवा अस्थायी स्कूल भवनों की स्थिति शिक्षा विभाग की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर रही है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने बताया कि स्मार्ट क्लास के नाम से एक करोड़ के उपकरण खरीदने से पहले उसी राशि से बच्चों के लिए बेहतर कक्ष निर्माण की दिशा में भी काम किया जा सकता था। उन्हाेने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इस संबंध में स्थानिय कांग्रेस पदाधिकारियाें के मायध्म से कांकेर कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच कराने और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे