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हरेली पर बच्चों ने दिखाई छत्तीसगढ़ी संस्कृति और प्रकृति की झलक

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हरेली पर बच्चों ने दिखाई छत्तीसगढ़ी संस्कृति और प्रकृति की झलक


हरेली पर बच्चों ने दिखाई छत्तीसगढ़ी संस्कृति और प्रकृति की झलक


धमतरी, 12 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली के अवसर पर ज्ञान बुधवार को अमृत इंग्लिश स्कूल में हर्षोल्लास के साथ ग्रीन डे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने हरे रंग की आकर्षक एवं रचनात्मक वेशभूषा धारण कर पेड़-पौधे, पत्तियां, फूल, फल और सब्जियों का मनमोहक स्वरूप प्रस्तुत किया। किसी बच्चे ने वृक्ष का रूप धारण किया तो किसी ने पत्तियों और फूलों से सजी पोशाक पहनकर प्रकृति एवं हरियाली का संदेश दिया।

विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषणों के माध्यम से प्रदेश की लोकसंस्कृति की सुंदर झलक भी प्रस्तुत की। कार्यक्रम में बांस से बने पारंपरिक साधनों पर चलने की गतिविधि भी कराई गई, जिसके माध्यम से बच्चों ने ग्रामीण जीवन, लोक खेल और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति को करीब से समझा। विद्यालय के प्राचार्य विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि हरेली केवल पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर है। बच्चों को पुस्तक ज्ञान के साथ संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और पर्यावरण से जोड़ना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से जन्मदिन एवं अन्य विशेष अवसरों पर पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने, पानी बचाने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया।

सांस्कृतिक प्रभारी ज्ञानेश्वरी धीवर एवं वरिष्ठ शिक्षक जगदीश सोनी ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की पहचान और लोकसंस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। सावन में धरती के हरियाली से आच्छादित होने के साथ किसान अच्छी फसल की कामना करते हुए खेती के औजारों की पूजा करते हैं और पशुधन के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को हरेली पर पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि हरियाली हमारी पहचान, किसान हमारा अभिमान और प्रकृति हमारे जीवन की आधार है।

कार्यक्रम में जगदीश सोनी, आदित्य दुबे, ज्ञानेश्वरी धीवर, घनश्याम शर्मा, रत्नेश तिवारी सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा